इजराइल का दावा बनाम ईरान का इनकार: अली लारिजानी को लेकर बढ़ा सस्पेंस

ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत के बाद अब देश के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने दावा किया है कि लारिजानी को एक हमले में मार गिराया गया, लेकिन ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, लारिजानी के ठिकानों पर हाल ही में एयर स्ट्राइक की गई थी। यह कार्रवाई कथित तौर पर खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। हालांकि, हमले के बाद भी उनकी स्थिति को लेकर स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी है।

लारिजानी के कार्यालय की ओर से संकेत दिया गया है कि वे जल्द ही एक आधिकारिक संदेश जारी करेंगे, जिससे उनकी स्थिति साफ हो सकती है। इससे पहले इजराइली मीडिया ने भी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया था कि 16 मार्च की रात उनके ठिकानों को निशाना बनाया गया।

बताया जा रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान में रणनीतिक फैसलों की कमान लारिजानी के हाथों में थी, खासकर ऐसे समय में जब नए सुप्रीम लीडर के घायल होने की बात कही जा रही है। जून 2025 में उन्हें देश की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया गया था और वे खामेनेई के करीबी माने जाते रहे हैं।

इस बीच, United States Central Command ने भी लारिजानी को अपनी हिटलिस्ट में शामिल किया था और उनके बारे में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा की थी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने आखिरी पोस्ट (16 मार्च) में लारिजानी ने मुस्लिम देशों को संबोधित करते हुए एक पत्र साझा किया था, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय एकजुटता की अपील की थी।

गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों के बाद ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों के मारे जाने के दावे किए जा चुके हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।

ईरान ने इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से उत्तराधिकारी व्यवस्था तैयार कर रखी है, जिसके तहत किसी भी बड़े पदाधिकारी की मौत की स्थिति में तुरंत नए नेतृत्व की घोषणा की जा सकती है।

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