Israel–Iran War LIVE: इजरायल का ‘प्रीवेंटीव अटैक’, ईरान का पलटवार; तेहरान की सत्ता पर निशाने के संकेत

जुबिली स्पेशल डेस्क
तेहरान/तेल अवीव। इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान के खिलाफ “प्रीवेंटीव अटैक” यानी एहतियाती सैन्य कार्रवाई शुरू करने की आधिकारिक पुष्टि की है।
इजरायल के रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी, जबकि सेना ने देशभर में “प्रोएक्टिव अलर्ट” जारी कर सायरन बजाए, ताकि संभावित ईरानी मिसाइल हमलों से पहले नागरिक सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें। इस कार्रवाई में संयुक्त राज्य अमेरिका का भी समर्थन बताया जा रहा है।
ईरान का पलटवार, तेल अवीव पर मिसाइलें
हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तेल अवीव पर मिसाइलें दागीं। वहीं राजधानी तेहरान में कई जोरदार धमाकों की खबर है। स्थानीय मीडिया और चश्मदीदों के मुताबिक, शहर के मध्य हिस्से में विस्फोट हुए।
ईरान को दो देशों से समर्थन मिलने का दावा भी किया गया है, हालांकि आधिकारिक स्तर पर इसकी विस्तृत पुष्टि नहीं हुई है।
क्या ‘रेजीम चेंज’ है मकसद?
अमेरिका और इजरायल के संबोधनों से संकेत मिल रहे हैं कि हमलों का उद्देश्य तेहरान की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को कमजोर करना हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सात मिसाइलें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दफ्तर की ओर दागी गईं।
सूत्रों के मुताबिक, हमलों की पहली लहर में सुप्रीम लीडर के कार्यालय और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स को निशाना बनाया गया। एक सरकारी सूत्र ने दावा किया कि हमले के वक्त खामेनेई तेहरान में नहीं थे और उन्हें पहले ही सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा चुका था।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के आवास और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) मुख्यालय पर भी हमले की खबर है, हालांकि किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
70 हजार रिजर्व सैनिक तैनात करेगा इजरायल
एक इजरायली सैन्य अधिकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में करीब 70 हजार रिजर्व सैनिकों को बुलाया जाएगा, जिनमें अधिकतर एयर डिफेंस यूनिट से जुड़े होंगे।
उधर, ईरान में लगभग 90% इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गई हैं, जिससे देश के अधिकांश हिस्सों में डिजिटल कनेक्टिविटी ठप है।
बहरीन में भी अलर्ट
बहरीन के नेशनल कम्युनिकेशन सेंटर ने सीमावर्ती इलाकों में बाहरी हमलों की पुष्टि की है। इन कार्रवाइयों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने आपात प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं।
कूटनीतिक वार्ताओं पर असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ताएं जारी थीं। गुरुवार को जिनेवा में तीसरे दौर की बातचीत हुई थी और नए दौर की वार्ता प्रस्तावित थी। लेकिन ताजा सैन्य कार्रवाई ने कूटनीतिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही ईरान को “खतरनाक” करार दिया था। अमेरिकी विदेश विभाग ने बढ़ते खतरे के मद्देनजर इजरायल से गैर-जरूरी दूतावास कर्मियों को हटाने की अनुमति भी दी थी।
IRGC की चेतावनी
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि पूरे क्षेत्र में जहां-जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने और हित मौजूद हैं, वे अब संभावित लक्ष्य माने जाएंगे। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसके सभी वरिष्ठ कमांडर सुरक्षित हैं। क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात के बीच व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। ताजा अपडेट के लिए LIVE कवरेज जारी है।


