Iran-US War News: इस्लामाबाद बन सकता है बातचीत का केंद्र, ट्रंप के युद्धविराम के बीच तेज हुई कूटनीति

नई दिल्ली/इस्लामाबाद/वॉशिंगटन ।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब कूटनीतिक हल की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान पर हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने के ऐलान के बाद संभावित बातचीत को लेकर हलचल बढ़ गई है। खबर है कि पाकिस्तान की राजधानी Islamabad इस हाई-लेवल वार्ता का केंद्र बन सकती है।
इस्लामाबाद में हो सकती है अहम बैठक
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और पाकिस्तान के अधिकारी पर्दे के पीछे अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस हफ्ते ही Islamabad में दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की बैठक संभव है।
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वांस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और Jared Kushner जैसे बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। हालांकि ईरान की तरफ से कौन हिस्सा लेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र की मध्यस्थता
युद्ध शुरू होने के बाद से Pakistan, Turkey और Egypt लगातार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।
इन कोशिशों के चलते इस्लामाबाद को एक “न्यूट्रल वेन्यू” के तौर पर देखा जा रहा है।
शहबाज शरीफ की पहल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बात कर क्षेत्र में शांति बहाल करने में सहयोग की पेशकश की है।
पिछले एक महीने में दोनों नेताओं के बीच कई बार बातचीत हो चुकी है।
व्हाइट हाउस ने नहीं की पुष्टि
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने संभावित बैठक पर सीधी पुष्टि से इनकार किया है। उनका कहना है कि ये “संवेदनशील कूटनीतिक बातचीत” है और आधिकारिक घोषणा से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
ट्रंप का संकेत और चेतावनी
Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ “अच्छी बातचीत” हुई है और कुछ बड़े मुद्दों पर सहमति बन सकती है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर बातचीत विफल रही, तो सैन्य कार्रवाई फिर शुरू हो सकती है।
ईरान ने सीधे बातचीत से किया इनकार
ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधे संवाद से इनकार किया है।
उन्होंने इन खबरों को “फेक न्यूज” बताते हुए कहा कि इसका मकसद वैश्विक बाजार को प्रभावित करना है।
बैकचैनल डिप्लोमेसी जारी
रोपीय सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, जिसमें खाड़ी देश, पाकिस्तान और मिस्र संदेशवाहक की भूमिका निभा रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi का नाम भी इन बातचीतों में सामने आया है, हालांकि उन्होंने इससे इनकार किया है।
जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण
कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद जमीनी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
- ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स लगातार हमले कर रही हैं
- इजरायल सैन्य कार्रवाई जारी रखने के पक्ष में है
- प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि बातचीत की संभावना है, लेकिन ऑपरेशन नहीं रुकेगा
होर्मुज बना सबसे बड़ा मुद्दा
इस पूरे संघर्ष का केंद्र Strait of Hormuz है, जहां से दुनिया की करीब 20% ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है।
ईरान ने इस मार्ग को लगभग बंद कर दिया है और साफ कहा है कि जब तक हमले नहीं रुकते, इसे नहीं खोला जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब “जंग बनाम बातचीत” के दोराहे पर खड़ा है।
एक तरफ बैकचैनल डिप्लोमेसी तेज हो रही है, तो दूसरी तरफ जमीनी संघर्ष जारी है। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि यह संकट शांति की ओर बढ़ेगा या बड़े युद्ध में बदल जाएगा।



