इस्लामाबाद जाने से इनकार नहीं’, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने PAK की मध्यस्थता पर तोड़ी चुप्पी

तेहरान/इस्लामाबाद। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष आज 36वें दिन में प्रवेश कर गया है। जहां एक ओर मिसाइलों और बमबारी का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक गलियारों में शांति की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर एक बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है।

ईरान का बड़ा खुलासा: “हमने कभी नहीं कहा ‘ना'”

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि पश्चिमी मीडिया, विशेषकर अमेरिकी मीडिया, ईरान के रुख को गलत तरीके से पेश कर रहा है। उनके बयान के मुख्य बिंदु:

  • पाकिस्तान की सराहना: अराघची ने युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।
  • इस्लामाबाद दौरा: विदेश मंत्री ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान ने बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार किया है।
  • शांति की शर्त: उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की मुख्य चिंता इस “थोपे गए” युद्ध का स्थायी और निर्णायक अंत है।

क्या फेल हो गई पाकिस्तान की शांति पहल?

पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने की पाकिस्तान की कोशिशें शुरुआती दौर में ही विफल हो गई हैं।

पाकिस्तान का कड़ा रुख

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन खबरों को पूरी तरह से “बेबुनियाद” और “मनगढ़ंत” करार दिया है। उन्होंने कहा:

  1. सोशल मीडिया और मीडिया में चल रही खबरें आधिकारिक सूत्रों पर आधारित नहीं हैं।
  2. पाकिस्तान की ओर से शांति और संवाद को बढ़ावा देने के प्रयास अभी भी जारी हैं।
  3. प्रेस वार्ता के तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना चिंताजनक है।

युद्ध की मौजूदा स्थिति और कूटनीति (Day 36)

पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। एक तरफ इजरायल और अमेरिका की सैन्य घेराबंदी है, तो दूसरी तरफ ईरान अपनी शर्तों पर समझौता चाहता है। पाकिस्तान की भूमिका इस समय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उसके संबंध वाशिंगटन और तेहरान, दोनों के साथ संतुलित रहे हैं।

प्रमुख घटनाक्रम एक नजर में

  • युद्ध का दिन: 36वां
  • मुख्य पक्ष: ईरान, अमेरिका, इजरायल
  • मध्यस्थ: पाकिस्तान
  • बड़ा अपडेट: ईरान ने पाकिस्तान की पहल का समर्थन किया और अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टिंग पर नाराजगी जताई।

विशेषज्ञों की राय: यदि पाकिस्तान की यह कूटनीतिक पहल सफल होती है, तो यह विश्व शांति की दिशा में एक बड़ा कदम होगा और संभावित परमाणु तबाही को टालने में मदद मिलेगी।

ईरान के विदेश मंत्री के ताजा बयान से यह साफ है कि शांति की खिड़की अभी बंद नहीं हुई है। अब सबकी निगाहें इस्लामाबाद और तेहरान के बीच होने वाली अगली उच्च स्तरीय वार्ता पर टिकी हैं।

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