ट्रंप का खर्ग आइलैंड पर निशाना, केशम द्वीप बना रणनीतिक ‘गेमचेंजर’

नई दिल्ली.Donald Trump ने ईरान के खिलाफ रणनीति को और आक्रामक बनाते हुए अब उसके प्रमुख तेल ठिकानों, खासकर Kharg Island को निशाना बनाने की बात कही है।
इस बीच United States और Israel के साथ बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz में नाकेबंदी जैसी स्थिति ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
लेकिन रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे संघर्ष में असली ताकत Qeshm Island के पास है, जो ईरान की सैन्य रणनीति का केंद्र बन चुका है।
क्यों अहम है केशम द्वीप?
Persian Gulf का सबसे बड़ा द्वीप केशम करीब 1,445 वर्ग किलोमीटर में फैला है और Bandar Abbas से महज 22 किमी दूर स्थित है।
इसकी लोकेशन इतनी रणनीतिक है कि ईरान यहां से होर्मुज स्ट्रेट के संकरे मार्ग पर प्रभावी नियंत्रण बनाए हुए है।
जमीन के नीचे ‘मिसाइल सिटी’
केशम द्वीप पर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने पिछले एक दशक में विशाल भूमिगत सैन्य ठिकाने तैयार किए हैं।
इन ठिकानों की खासियत:
- कंक्रीट से मजबूत अंडरग्राउंड नेटवर्क
- वेंटिलेशन और बिजली की आधुनिक व्यवस्था
- आंतरिक परिवहन सिस्टम
- हवाई हमलों से बचाव की क्षमता
रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां तैनात हथियारों में शामिल हैं:
- एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइलें (Silkworm)
- लंबी दूरी की ग़दीर मिसाइलें
- बैलिस्टिक मिसाइलें: क़ियाम-1, खैबर शेकेन, ग़द्र, एमाद
‘फ्लोटिंग सिटीज़’ और गुप्त नौसैनिक अड्डे
केशम के आसपास ईरान ने कथित तौर पर ‘फ्लोटिंग सिटीज़’ जैसे सीक्रेट नेवल बेस भी तैयार किए हैं।
यहां तैनात हैं:
- तेज रफ्तार हमलावर नौकाएं
- रॉकेट और माइंस से लैस जहाज
- गुरिल्ला रणनीति के लिए तैयार फोर्स
होर्मुज स्ट्रेट पर पकड़
Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- ईरान पूरी नाकेबंदी नहीं कर रहा
- बल्कि ‘नियंत्रित दबाव’ (Controlled Pressure) की रणनीति अपना रहा है
- जहाजों को तय मार्गों से गुजरने के लिए मजबूर किया जा रहा है
इससे तेहरान अप्रत्यक्ष रूप से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग ट्रैफिक को प्रभावित कर रहा है।
क्या बढ़ेगा वैश्विक संकट?
ईरान की यह रणनीति और अमेरिका-इजराइल का बढ़ता दबाव आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार और सुरक्षा हालात को और अस्थिर कर सकता है।



