ईरान की USA को धमकी: ‘नरक में स्वागत है’, सैनिक आए तो ताबूत में लौटेंगे

  • तेहरान टाइम्स की सख्त चेतावनी
  • हूतियों की एंट्री से बढ़ा खतरा
  • इजरायल-लेबनान में भी तेज हुए हमले

जुबिली स्पेशल रिपोर्ट

तेहरान/वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। Tehran Times ने अपने पहले पन्ने पर “Welcome to Hell” शीर्षक के साथ अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। अखबार में कहा गया है कि ईरान की धरती पर कदम रखने वाले किसी भी अमेरिकी सैनिक को “ताबूत में ही लौटना होगा।”

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब United States मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त 10,000 सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है।

क्यों बढ़ रही हैं आशंकाएं?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संभावित तैनाती से यह संकेत मिल रहा है कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ जमीनी अभियान की तैयारी कर सकता है।

हालांकि, Donald Trump ने बार-बार कहा है कि उनका जमीनी युद्ध का कोई इरादा नहीं है और शांति वार्ता जारी है, लेकिन बढ़ती सैन्य गतिविधियों से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

हूतियों की एंट्री से नया मोर्चा

The Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का मकसद अमेरिका को सैन्य विकल्प देना है।

एक ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है तो Houthis को सक्रिय किया जाएगा।

  • लाल सागर में जहाजों पर हमले फिर शुरू हो सकते हैं
  • इजरायल पर भी हमले तेज हो सकते हैं

बताया जा रहा है कि हूतियों ने इजरायल पर हाल ही में हमला भी किया है।

ट्रंप का इनकार, लेकिन तैयारी जारी

डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि जमीनी युद्ध की योजना नहीं है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी सेना को ईरान और Kharg Island के आसपास तैनात किया जा सकता है, जो ईरान का अहम तेल निर्यात केंद्र है।

इसके साथ ही, ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमलों की समयसीमा को फिलहाल टाल दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि बातचीत “अच्छी चल रही है।”

इजरायल-लेबनान में भी बढ़ी कार्रवाई

शुक्रवार को Israel ने Tehran में “आतंकी ढांचे” पर बड़े हमलों का दावा किया।

  • बेरूत के दक्षिणी इलाकों में भी हमले तेज
  • Hezbollah के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
  • जवाब में हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना से सीधे संघर्ष की बात कही

क्या है स्थिति?

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, ईरान, इजरायल और उनके सहयोगियों के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं संभले, तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

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