जुबिली स्पेशल डेस्क
तेहरान: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार मिल रही धमकियों के बीच ईरान शनिवार शाम जोरदार धमाकों से दहल उठा। एक के बाद एक चार बड़े विस्फोटों की खबरों ने पूरे देश में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। तेहरान से लेकर बंदर अब्बास तक आसमान में धुएं के गुबार और सड़कों पर अफरा-तफरी का मंजर देखा गया।
कई इलाकों में भारी जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक धमाकों की आधिकारिक वजह सामने नहीं आ सकी है।
इन विस्फोटों के बाद ईरान में अफवाहों का दौर तेज हो गया है। लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि कहीं यह किसी बड़े ‘सीक्रेट मिशन’ या सुनियोजित हमले की शुरुआत तो नहीं है।
31 जनवरी 2026 की शाम ईरान के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं रही। पहले से ही अमेरिका-ईरान तनाव के चलते लोग पैनिक की स्थिति में थे, तभी देश के चार प्रमुख शहरों में धमाकों की गूंज सुनाई दी। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन शहरों में विस्फोट की खबरें हैं, उनमें बंदर अब्बास, अहवाज, परंद और अरदबील शामिल हैं।

कहां-कहां हुए धमाके?
बंदर अब्बास:दक्षिणी ईरान का यह अहम बंदरगाह शहर सबसे ज़्यादा प्रभावित बताया जा रहा है। आजादगान इलाके में एक आठ मंजिला इमारत पूरी तरह ढह गई। चश्मदीदों के मुताबिक धमाका इतना जबरदस्त था कि कई किलोमीटर दूर तक खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए।
अहवाज:यहां एक रिहायशी इलाके में हुए विस्फोट में कम से कम चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मलबे से शवों को निकालने का काम जारी है।
परंद:तेहरान के नजदीक स्थित इस शहर में काले धुएं का विशाल गुबार देखा गया। कई लोगों ने इसे एयरस्ट्राइक समझ लिया और बंकरों की ओर भागते नजर आए।
अरदबील:उत्तर-पश्चिमी ईरान के इस शहर से भी रहस्यमयी धमाकों की खबरें सामने आई हैं, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
Iran-US तनाव के बीच बढ़ी बेचैनी
धमाकों की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे सामने आने लगे। सबसे सनसनीखेज दावा यह था कि बंदर अब्बास में हमला IRGC नेवी कमांडर एडमिरल अलीरेजा तंगसिरी को निशाना बनाकर किया गया। हालांकि, ईरानी सरकार ने इन अटकलों को खारिज करते हुए इन्हें “दुश्मन का प्रोपेगैंडा” बताया है।
सरकार का कहना है कि ये घटनाएं गैस पाइपलाइन में विस्फोट की वजह से हुई हैं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या एक ही समय पर चार अलग-अलग शहरों में गैस लीक होना संभव है?
परमाणु ठिकानों पर नजर
ये सीरियल धमाके ऐसे समय पर हुए हैं जब ईरान-अमेरिका टकराव और गहराता जा रहा है। इसी दिन इस्फहान और नतांज के परमाणु ठिकानों से जुड़ी नई सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई थीं।
रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि इन विस्फोटों के जरिए ईरान की सप्लाई चेन और कमांड सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है।
फिलहाल ईरान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और पूरी दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हैं।
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