ईरान ने अमेरिका से बातचीत खत्म की, ‘धोखा मिला’ का आरोप; जंग चौथे हफ्ते में, होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ सभी तरह की बातचीत खत्म करने का ऐलान कर दिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने बार-बार भरोसा तोड़ा और सैन्य कार्रवाई न करने का वादा निभाया नहीं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो में कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव “बेहद कड़वा” रहा है। उन्होंने कहा, “हमसे कहा गया था कि कोई हमला नहीं होगा, लेकिन बातचीत के बीच ही हम पर हमले कर दिए गए।”
अरागची के मुताबिक, पिछले साल जून में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हुई थी, लेकिन उसी दौरान हमले हुए। इसके बाद इस साल फिर बातचीत शुरू करने की कोशिश हुई, जिसमें अमेरिका ने भरोसा दिलाया कि इस बार हालात अलग हैं और परमाणु मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाएगा।
उन्होंने बताया कि तीन दौर की बातचीत के बाद, जब अमेरिकी टीम खुद बातचीत को सकारात्मक बता रही थी, उसी समय ईरान पर हमले शुरू हो गए। अरागची ने साफ कहा, “अब अमेरिका के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है, यह हमारे एजेंडे में नहीं है।
जंग चौथे हफ्ते में, बढ़ा तनाव
अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान की जंग अब चौथे हफ्ते में पहुंच चुकी है। दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले जारी हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया गया, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर सकता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की करीब 20% तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान स्ट्रेट को खुला नहीं रखता, तो उसके बिजली ढांचे पर हमले किए जा सकते हैं।
वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान, क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों के ऊर्जा और पानी के ठिकानों पर हमले तेज कर देगा।



