ईरान का खुला ऐलान: परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ तो बंद होगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, दुनिया झेलेगी तेल संकट

मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान अब डिफेंसिव नहीं, बल्कि पूरी तरह आक्रामक रणनीति में आ चुका है। ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका को सीधी और बेहद कड़ी चेतावनी दी है।
IRGC ने साफ कहा है कि अगर Donald Trump के नेतृत्व में अमेरिका या उसके सहयोगी देशों ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया, तो इसका अंजाम पूरी दुनिया को भुगतना पड़ेगा। ईरान ने धमकी दी है कि वह दुनिया की सबसे अहम तेल सप्लाई लाइन Strait of Hormuz को पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद कर देगा।
ईरान के मुताबिक, अगर उसके किसी भी परमाणु संयंत्र पर हमला हुआ, तो यह कदम तुरंत उठाया जाएगा और तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला जाएगा जब तक नष्ट हुए परमाणु ढांचे दोबारा खड़े नहीं हो जाते। इसका मतलब साफ है—ईरान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसा हुआ, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो जाएगी, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं और वैश्विक मंदी का खतरा गहरा सकता है।
इजरायल भी निशाने पर
ईरान का गुस्सा सिर्फ समुद्री मार्ग तक सीमित नहीं है। उसने अमेरिका के करीबी सहयोगी Israel को भी सीधे निशाने पर लिया है।
IRGC ने चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में इजरायल के पावर प्लांट, ऊर्जा नेटवर्क और सूचना-प्रौद्योगिकी ढांचे को तबाह कर दिया जाएगा। ईरान का मकसद केवल सैन्य ठिकानों पर हमला करना नहीं, बल्कि इजरायल की पूरी अर्थव्यवस्था और सिस्टम को ठप करना है।
कंपनियों को भी चेतावनी
ईरान ने उन कंपनियों को भी निशाने पर लेने की बात कही है, जिनमें अमेरिकी निवेश जुड़ा हुआ है या जिनके व्यापारिक हित वाशिंगटन से जुड़े हैं। यह साफ संकेत है कि संभावित संघर्ष सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक युद्ध का भी रूप ले सकता है।
ईरान का यह रुख दिखाता है कि वह अब किसी भी स्तर तक जाकर जवाब देने के मूड में है, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।

