ब्याज दर : सीतारमण के ‘भूल’ वाले बयान पर नेताओं ने क्या कहा?

जुबिली न्यूज डेस्क

भारत सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें घटाने का अपना फैसला फिलहाल वापस ले लिया है। गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ‘यह आदेश भूल से जारी हुआ था।’

वित्त मंत्रालय के इस ‘भूल’  पर विपक्षी पार्टियों के नेता और आम लोग तंज कस रहे हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने ट्वीट में जिस अंग्रेजी शब्द oversight  (भूल) का जिक्र किया था, वो भी ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है।

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने वित्तमंत्री के बयान पर अपने ट्वीट में लिखा है, ”एक बार फिर शर्मिंदगी, क्योंकि मो-शा (मोदी शाह) चुनावी रैलियों में ट्रकों से पंखुडिय़ा फेंकने, अप्रैल फूल के चुटकुलों वाले झूठे वादे करने में व्यस्त हैं।”

वहीं इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है, ”क्या वाक़ई सरकार की स्कीम पर ब्याज दरें घटाने का फैसला भूल से हुआ? या फैसला वापस लेने की बुद्धि क्या चुनाव के कारण आई है?”

टीएमसी की ही एक और सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने ट्वीट में लिखा है, ”सबसे बड़ा अप्रैल फूल का चुटकुला क्या है? ये कि छोटी बचत की स्कीम पर घटाई गई ब्याज दरों का फैसला भूल से लिया गया था? या ये कि निर्मला सीतारमण देश की वित्त मंत्री हैं?”

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वहीं ट्विटर पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल करते हुए लिखा है, ”माननीय वित्त मंत्री जी, आप सर्कस चला रही हैं या सरकार? लोग अर्थव्यवस्था का हाल समझ सकते हैं, जब करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाला फैसला भूल से लिया जाता है। बतौर वित्त मंत्री आप पद पर बने रहने का अधिकार खो चुकी हैं।”

आम लोगों ने क्या कहा?

ट्विटर पर एक यूजर सौरभ ने लिखा, ”निर्मला सीतारमण ने फैसला वापस लेने पर कहा- कैसा लगा मेरा मजाक?” दूसरे अन्य यूजर
नीरव पांचाल लिखते हैं, ”ये यू-टर्न सरकार है। पांच राज्यों के चुनावों के बाद यही फैसला लागू करेंगे।”

दूसरे यूजर कमलेश कुमार ने ट्विटर पर लिखा है, ”मैडम वित्त मंत्रालय भूल से फैसला कैसे कर लेता है? जिम्मेदार व्यक्ति को सजा दीजिए ताकि वो मई में ये भूल दोबारा ना करे।”

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वहीं अमन जैन नाम के यूजर ने लिखा है, ”निर्मला सीतारमण को दशक की बेस्ट परफॉर्मिंग वित्त मंत्री का पुरस्कार एक अप्रैल को दिया जाना चाहिए।”

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