वो 61 छुट्टी का अधिकार दिला दो, हमको भी इतवार दिला दो

जुबिली न्यूज़ डेस्क

सोशल मीडिया वर्तमान समय में हमारी जिन्दगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसके प्रभाव को इस तरह समझा जा सकता है कि समचार-पत्रों और टीवी चनलों पर खबर चलने के बाद कोई कार्रवाई भले ही न हो लेकिन अगर कोई मुद्दा सोशल मीडिया में ट्रेंड करने लगा तो उसकी सुध प्रशासन और सरकार फ़ौरन लेते हैं। गुरूवार को ट्विटर पर ट्रेंड हो रहे की वर्ड्स में से एक हैश टैग है ‘पीड़ितखाकी’।

इसे ट्रेंड करा रहे हैं पुलिसकर्मी और अपनी मांगों व समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ मनाया जाता है। इसके 10 दिन पहले पुलिसकर्मियों ने सोशल मीडिया पर ‘पीड़ितखाकी’ मुहीम चलाकर वेतन विसंगतियों, ट्रान्सफर-पोस्टिंग और काम की समय सीमा को लेकर अपनी मांगे रखी हैं।

लुकेश कुमार नाम के यूजर ने लिखा है कि, महोदय कृपया एमपी पुलिस की स्थिति पर ध्यान दें

शिवम वर्मा नाम के यूजर ने लिखा है कि, महोदय योगी आदित्यनाथ जी विभाग में हो रही आत्महत्याओं का मुख्य कारण यह काला कानून (बॉर्डर स्कीम) है पुलिस स्मृति दिवस के दिन इसके समाप्ति की घोषणा कर हम पुलिसकर्मियों को मानवीय जीवन प्रदान करने की कृपा करें।

एक अन्य ट्वीट में शिवम ने लिखा है कि, महोदय, जब पुलिस एक्ट1861 का है तो हम पुलिस कर्मियों से modern policing कैसे हो पाएगी..? Modern police act 2006 लागू करें।

1- ड्यूटी का समय 8 घंटे करें।

2- साप्ताहिक अवकाश

3-गृह जनपद के पास नियुक्ति

4-बस/रेल का किराया माफ करें

5-वेतन विसंगति दूर करें

सतेन्द्र पाल लिखते हैं कि, वो 61 छुट्टी का अधिकार दिला दो हमको भी इतवार दिला दो

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