INDIA गठबंधन ने बढाई NDA की टेंशन, बस 2% का फासला

जुबिली न्यूज डेस्क 

2024 में किसकी सरकार आएगी ? आज चुनाव हुए तो एनडीए के पक्ष में कितनी सीटें जाएंगी तो वहीं विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A को कितनी सीटें मिलेंगी। वहीं I.N.D.I.A ने NDA की टेंशन बढ़ा दी है. I.N.D.I.A  एनडीए के वोट बैंक में सेंध लगाती नजर आ रही है. खबरों की मानें तो इस बार मुकाबला टक्कर का होने वाला हैं.

हालहि में एक सर्वे किया गया है. इस सर्वे के आकड़े हैरान करने वाले है. इंडिया टुडे-सी वोटर के सर्वे में यह नतीजे सामने आए हैं कि एक बार फिर एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। एनडीए के खाते में 306 सीटें जाती दिख रही हैं। तो वहीं विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A को 193 सीटें तो वहीं अन्य के खाते में 44 सीटें मिलती दिख रही हैं।

मात्र 2% का दिख रहा फासला

यदि वोट शेयर की बात की जाए तो विपक्षी दलों का गठबंधन एनडीए के बिल्कुल करीब पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है। इस सर्वे के मुताबिक एनडीए के पक्ष में 43 फीसदी तो वहीं I.N.D.I.A के पक्ष में 41 फीसदी वोट शेयर जाता दिख रहा है। वहीं अन्य के खाते में 16 फीसदी का वोट शेयर जाता दिख रहा है। जहां तक बीजेपी और कांग्रेस के अकेले सीटों की बात की जाए तो बीजेपी को 287 तो वहीं कांग्रेस को 74 और अन्य के खाते में 182 सीटें जाती दिख रही हैं।

ये भी पढ़ें-अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि की रिहाई रुकवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची मधुमिता शुक्ला की बहन

NDA सरकार के कामकाज से क्या संतुष्ट हैं। देश का मिजाज जानने के लिए हुए इस सर्वे में 59 फीसदी लोगों ने कहा हां। वहीं 19 फीसदी लोग असंतुष्ट नजर आए। सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानते हैं। इसके जवाब में 21 फीसदी ने लोगों ने कोविड महामारी से निपटने को सबसे बड़ी उपलब्धि मानते है। दूसरे नंबर पर 13 फीसदी लोगों ने भ्रष्टाचार रहित सरकार को उपलब्धि मानते हैं। राम मंदिर और 370 की विदाई को भी उपलब्धि बताया है।

सरकार की सबसे बड़ी नाकामी महंगाई

इस सर्वे में सरकार की सबसे बड़ी नाकामी को लेकर सवाल पूछा गया जिसके जवाब में 25 फीसदी लोगों ने महंगाई को बताया। वहीं 17 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ी नाकामी बताया।

मणिपुर के मुद्दे 

मणिपुर के मुद्दे पर भी इस सर्वे में लोगों से सवाल पूछे गए। मणिपुर हिंसा पर केंद्र की रणनीति क्या होनी चाहिए? इस सवाल के जवाब में 44 फीसदी लोगों का कहना था कि राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए था। वहीं 21 फीसदी का मानना था कि अलग-अलग ग्रुप के साथ तुरंत बातचीत होनी चाहिए थी।

Related Articles

Back to top button