क्यों लटक रही है केजरीवाल व हेमंत पर गिरफ्तारी की तलवार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इन दिनों देश के दो दिग्गज नेता पर अपना शिकंजा कसता हुआ नजर आ रहा है। ये दोनों नेता जहां एक ओर अपने-अपने राज्य के सीएम है और साथ में अपने-अपने प्रदेश के मुखिया हैं।

दोनों ही नेताओं के लिए अच्छी खबरे नहीं आ रही क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लगातार पूछताछ के लिए बुला रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दूसरे हैं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।

अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन PHOTO SOCIAL MEDIA

केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति मामले में नोटिस भेजा जा रहा। अरविंद केजरीवाल को बुधवार को ईडी के सामने पेश होना था लेकिन वो शायद ही जाये। केजरीवाल के अनुसार ईडी का ये समन पूरी तरह से गैरकानूनी है। इसके साथ ही उन्होंने ईड से सवाल पूछा कि चुनाव से पहले ही क्यों नोटिस मिला।

उधर, सोरेन  की कहानी भी यह है। ईडी ने 31 दिसंबर को पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया और नहीं गए। बता दें कि ईडी ने सोरेन को लाभ के पद से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में समन भेजा है। सोरेन को समन मिलने का सिलसिला 14 अगस्त को शुरू हुआ था।

इसके बाद 24 अगस्त, 9 सितंबर, 23 सितंबर, 4 अक्टूबर और 12 दिसंबर को समन मिला था लेकिन वो ईडी के सामने पेश नहीं हुए।


अब कहा जा रहा है कि जांच एजेंसी के सामने नहीं पेश होने से क्या होगा? माना जा रहा है कि अब दोनों ही सीएम के खिलाफ ईडी बड़ा एक्शन ले सकता है।

जांच एजेंसी संबंधित अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर कर सकती है और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करवा सकती है, या वे उनके आवास पर जा सकती है और वहां उनसे पूछताछ कर सकती है।

अगर ईडी के पास ठोस सबूत है तो वो पूछताछ के बाद गिरफ्तारी के लिए भी आगे बढ़ सकती है। कुल मिलाकर दोनों की मुश्किलें अगले कुछ दिनों में बढ़ सकती है। 

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