कोरोना काल में “बस” पर सवार हुई राजनीति

प्रमुख संवाददाता
लखनऊ. सड़कों पर भूख और थकान से लंगड़ाता मजदूर है और सियासी फिजायें हमेशा की तरह आरोप प्रत्यारोप की हवाओं से भरी। यूपी की सियासत में फिलहाल मजदूर से ज्यादा “बस” की बात होने लगी है।
कोरोना काल में बसों की राजनीति अपने चरम पर है। सड़कों पर पैदल मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखी गई चिट्ठी के बाद सवाल जवाब का जो सिलसिला शुरू हुआ उससे मजदूर तो सड़क पर ही बना हुआ है लेकिन कांग्रेस और बीजेपी के बीच तू-तू-मैं-मैं शुरू हो गई है।

कांग्रेस का कहना है कि प्रियंका गांधी ने आपदा काल में सरकार की मदद की जो पेशकश की है उसने बीजेपी के बेरोजगार मंत्रियों को कांग्रेस को गाली देने का रोज़गार दे दिया है तो उधर बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के पास मजदूरों के लिए कोई संवेदना नहीं है लेकिन वह आपदा काल का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी को लांच करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत कहते हैं कि यह आपदा का समय है और ऐसे समय में कांग्रेस कोई राजनीति नहीं करना चाहती है। कांग्रेस 1000 बसों की सूची यूपी सरकार को भेज चुकी है। आज शाम पांच बजे तक बसें नोयडा और गाज़ियाबाद में उपलब्ध करवा दी जायेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बसों की फिटनेस माँगी है जबकि आपदा काल में सरकार ने सभी वाहनों की फिटनेस 30 जून तक पहले ही बढ़ा दी थी।
कांग्रेस का मकसद है कि मजदूर सड़क पर पैदल न चलें, वह बसों के ज़रिये अपने घरों तक पहुँच जायें लेकिन बीजेपी ने इस मुद्दे पर जिस तरह से राजनीति की उससे यह बात साफ़ हो जाती है कि प्रियंका गांधी ने बीजेपी के बेरोजगार मंत्रियों को कांग्रेस को गाली देने का रोज़गार दे दिया है।
इस मुद्दे पर बीजेपी प्रवक्ता अश्वनी शाही का कहना है कि प्रियंका गांधी ने जब बसों के ज़रिये मजदूरों को पहुंचाने की पेशकश की तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा दिल दिखाते हुए इस पेशकश को स्वीकार कर लिया लेकिन कांग्रेस की नाकामी उसकी तरफ से मिली लिस्ट में झलकती है। एक-एक ड्राइवर के नाम पर कई-कई बसें दिखा दीं। बसों के नंबर की जगह स्कूटर, मोटरसायकिल और ऑटो के नंबर दे दिए।
शाही कहते हैं – कांग्रेस के पास मजदूरों को लेकर कोई संवेदना नहीं है वह इस बहाने से राहुल गांधी को री लांच करना चाह रहे हैं। कांग्रेस ने पहले एनआरसी के मुद्दे पर कहा कि कागज़ नहीं दिखाएँगे वही अब बसों के मामले में भी किया। सरकार तो कागज़ इसीलिये मांग रही है कि अगर बसों का इंश्योरेंस और पोल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं हुआ और रास्ते में कोई घटना हुई तो उसकी ज़िम्मेदारी प्रियंका गांधी लेंगी या कांग्रेस पार्टी ?
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बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सिर्फ यूपी के ही नहीं बिहार और बंगाल के मजदूरों को भी भिजवा रहे हैं। कांग्रेस सरकार की तरफ से मांगे गए कागजों की औपचारिकता पूरी कर रही है। बसें नोयडा और गाज़ियाबाद पहुँच जायेंगी तो बीजेपी कांग्रेस की इस पहल का स्वागत करेगी।
बसों के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा आमने सामने हैं । सोशल मीडिया पर दोनों के समर्थक भिड़े हुए हैं। इस सियासी घमासान के बीच बसें यूपी की सीमा पर खड़ी हैं और मजदूर अपने मुस्तकबिल को ले कर फिक्रमंद हैं।



