पाकिस्तान में गणेश मंदिर तोड़े जाने से हिंदुओं में उबाल

जुबिली न्यूज डेस्क

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुसलमानों द्वारा गणेश मंदिर तोड़े जाने के बाद से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इस घटना से हिंदू समुदाय के लोग नाराज हैं। फिलहाल अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पुहंच गया है।

क्या है मामला

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हिंदुओं के एक मंदिर पर मुस्लिम समुदाय की भीड़ ने पहले हमला किया। उसके बाद मंदिर के कुछ हिस्सों में आग लगा दी और मूर्तियों को खंडित कर दिया।

पुलिस जब इस भीड़ को रोकने में नाकाम रही तो हालात को काबू में करने के लिए पाकिस्तान रेंजर्स के जवानों को बुलाया गया। इतना ही नहीं मुस्लिम कट्टरपंथियों ने इस पूरी घटना का फेसबुक पर लाइव भी किया। घटना के बाद मंदिर को आग के हवाले कर दिया गया।

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इस मामले में पुलिस ने बताया कि रहीम यार खान जिले के भोंग शहर में भीड़ ने बुधवार को गणेश मंदिर पर हमला किया। यह स्थान लाहौर से करीब 590 किलोमीटर दूर है।

बताया जा रहा है कि कथित तौर पर एक मदरसे की बेअदबी की घटना के बाद कुछ लोगों के उकसाने पर भीड़ ने इस घटना को अंजाम दिया। जिन मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है उनमें भगवान गणेश के साथ भगवान शिव और कई और देवी-देवताओं की मूर्तियां शामिल हैं।

कैसे शुरु हुआ विवाद

एक अधिकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह आठ साल के एक हिंदू लड़के ने इलाके के मदरसे के पुस्तकालय में कथित तौर पर पेशाब कर दिया था, जिसके बाद भोंग में तनाव व्याप्त हो गया। हालांकि इस इलाके में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग दशकों से शांतिपूर्ण तरीके से रहते आए हैं।

इस तनाव के बीच अल्पसंख्यक समुदाय ने पुलिस पर उनकी परेशानी पर ध्यान न देने का आरोप लगाते हुए शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

वैसे पाकिस्तान में हिंदू मंंदिर पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले साल दिसंबर में भी हिंसक भीड़ ने खैबर पख्तूनख्वा में एक मंदिर में आग लगा कर उसमें तोडफ़ोड़ कर दी थी।

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वहीं इस मामले में बुधवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सांसद डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने ट्विटर पर मंदिर पर हमले के वीडियो को साझा किए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध किया कि वे ”आगजनी और तोडफ़ोड़” को रोकने के लिए जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंचे।

वांकवानी ने इस घटना को लेकर अनेक ट्वीट किए। इनमें उन्होंने कहा, ” रहीम यार खान जिले के भोंग शहर में एक हिंदू मंदिर पर हमला। कल हालात बहुत तनावपूर्ण थे। स्थानीय पुलिस की शर्मनाक लापरवाही। प्रधान न्यायाधीश से कार्रवाई करने का अनुरोध करता हूं।” 

वहीं इस मामले में रहीम यार खान के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) असद सरफराज ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हालात काबू में कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया है। रेंजर्स को बुलाया गया और हिंदू मंदिर के इर्द-गिर्द तैनात किया गया।

डीपीओ ने कहा कि इलाके में करीब 100 हिंदू परिवार रहते हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है। इस घटना के संबंध में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

असद सरफराज ने कहा, ”हमारी पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को बहाल करना और अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा प्रदान करना है।”  वहीं एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि मंदिर को बहुत ही बुरी तरह से क्षतिग्रस्त किया गया है। हमलावरों के पास डंडे, पत्थर और ईंटे थीं। धार्मिक नारे लगाती भीड़ ने मूर्तियों को तोड़ा। मंदिर के एक हिस्से को जला दिया गया।”

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पुलिस अधिकारी ने कहा कि मदरसे के पुस्तकालय को कथित तौर पर अपवित्र करने वाले आठ साल के बच्चे के खिलाफ ईशनिंदा का मामला दर्ज कर पिछले हफ्ते उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। वह नाबालिग है इसलिए उसे बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर भोंग के लोगों को इस घटना का बदला लेने के लिए उकसाया गया, जिसके बाद मंदिर के बाहर भीड़ जमा होनी शुरू हो गई और बाद में उसने उस पर हमला कर दिया। सरफराज ने कहा, ” हम मंदिर पर हमला करने के लिए लोगों को उकसाने वाले उपद्रवियों को गिरफ्तार करेंगे।”

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