अप्रैल से ही हीटवेव का अलर्ट, गर्मी से हुए लोग बेहाल

जुबिली स्पेशल डेस्क

इस बार गर्मी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। मार्च महीने ख़त्म हो गया है और अप्रैल आते-आते कहर बनकर टूट पड़ी। लोग गर्मी से बेहाल है। देश के अधिकतर राज्यों में गर्मी का सितम जारी है।

कई राज्यों में तो पारा लगातार बढ़ रहा है। यूपी, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में गर्मी कहर लोग झेल नहीं पा रहे हैं।

यह भी पढ़ें :   बीजेपी विधायक ने लगाया बुल्डोजर पर ब्रेक, कहा समर्थक का घर गिरा तो तहसील फूंक देंगे

यह भी पढ़ें :   कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आई राहत की खबर

यह भी पढ़ें :  ‘दुर्भाग्य है कि महाराष्ट्र में कोई ‘योगी’ नहीं है’

हालात बेहद खराब है। मार्च का महीना खत्म होते ही गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने लोगों को एलर्ट किया है और कहा है कि अप्रैल से जून के बीच भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) चलने की अशंका जतायी है।

मौसम विभाग का मानना है कि भीषण गर्मी का असर मध्य और पश्चिम भागों पर सबसे बुरा प्रभाव देखने को मिल सकता है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गर्मी का कहर टूटने के आसार है। मौसम विभाग का यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब देश में लोकसभा चुनाव में प्रवेश कर रहा है और 19 अप्रैल को पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे।

PHOTO @SOCIAL MEDIA

केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि देश में अगले ढाई महीने में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी का सामना ऐसे समय में होने जा रहा है जब देश आम चुनाव की तैयारी में लगा हुआ है। करीब एक अरब लोगों के मतदान करने की उम्मीद है। यह हम सभी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होने वाला है। भारत के लिए पहले से तैयारी करना बहुत जरूरी है।

वहीं, आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा है कि 2024 के आम चुनाव के दौरान बाहरी गतिविधियों में बढ़ोतरी से लोगों को लू संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। चुनाव की वजह से मतदाताओं और चुनाव कर्मियों के लिए लू संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है।

कुल मिलाकर देखा जाये तो होली के खत्म होते ही गर्मी ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया था और लोगों को गर्मी की वजह से सडक़ों पर निकलना काफी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में लोकसभा चुनाव में लोगों को मतदान करने में परेशानी उठानी पड़ सकती है।

Related Articles

Back to top button