सरकार के पास नहीं है बृजभूषण शरण सिंह को बर्खास्त करने का अधिकार

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखनऊ। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।

दिल्ली में उनके खिलाफ पहलवानों मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इतन ही नहीं दिल्ली में पहलवानों का धरना आज भी जारी है।

गुरुवार देर रात (19 जनवरी) साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट, रवि दहिया सहित कई पहलवान केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की है लेकिन अभी तक मामला खत्म नहीं हुआ है। जानकारी मिल रही है कि खेल मंत्रालय उनको लेकर कोई एक्शन ले सकता है।

कहा तो ये जा रहा है कि उनसे इस्तीफा तक मांग लिया गया है लेकिन बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कर दिया है वो इस्तीफा नहीं देंगे। बृजभूषण शरण सिंह की माने तो 22 जनवरी को उन्होंने एक बैठक बुलाई उसमें जो फैसला होगा उसके बाद कुछ होगा। दूसरी ओर खेल मंत्रालय बृजभूषण शरण सिंह की बर्खास्त नहीं कर सकता है।

PHOTO : @PTI AND PIB

पहले कहा जा रहा था कि अगर वो इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनको फौरन सरकार बर्खास्त कर सकती है लेकिन अब सरकार ने स्पष्ट किया कि उनके पास बृजभूषण शरण सिंह को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है। खेल मंत्री ने पहलवानों से कहा कि बृजभूषण शरण सिंह चुनी हुई संस्था के अध्यक्ष है।

खेल मंत्री की ओर से पहलवानों को आश्वासन दिया गया कि अगर खिलाड़ी सहमत हों तो जांच रिपोर्ट आने तक बृजभूषण शरण सिंह खुद को कुश्ती संघ से अलग कर सकते है।

इसके अलावा जिन कोच के ऊपर आरोप हैं, वे भी जांच पूरी होने तक कुश्ती संघ से अलग हो सकते है। सरकार ने खिलाडय़िों से कहा कि यौन उत्पीडऩ के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई जा सकती है और इसके तीनों सदस्यों के नाम खिलाड़ी ही दे सकते हैं।

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