Global Energy Crisis: मिडिल ईस्ट तनाव से ईंधन संकट गहराया, दुनिया भर में सख्त कदम-WFH, राशनिंग और लॉकडाउन जैसे हालात

वैश्विक ऊर्जा संकट ने बढ़ाई चिंता
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों को ईंधन बचाने और अर्थव्यवस्था को चलाए रखने के लिए सख्त फैसले लेने पड़ रहे हैं।
सरकारें अब वर्क फ्रॉम होम, ईंधन राशनिंग, सार्वजनिक छुट्टियां और औद्योगिक गतिविधियों में कटौती जैसे उपाय अपना रही हैं, ताकि सीमित संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
एशिया में सख्ती: स्कूल बंद, ईंधन कोटा लागू
- Sri Lanka ने स्कूल, विश्वविद्यालय और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तर बंद कर दिए हैं।
- QR कोड सिस्टम के जरिए पेट्रोल-डीजल का कोटा तय
- प्रति व्यक्ति 15 लीटर साप्ताहिक सीमा
- Bangladesh ने
- सभी शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट किया
- रोजाना 5 घंटे बिजली कटौती लागू
- Bhutan में
- ईंधन जमाखोरी रोकने के लिए जेरी केन में बिक्री पर रोक
- आपात सेवाओं को प्राथमिकता
पाकिस्तान-फिलीपींस में 4 डे वीक, वियतनाम में WFH अपील
- Pakistan:
- सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 दिन का कार्य सप्ताह
- ईंधन आवंटन में 50% कटौती
- Philippines:
- 4 डे वीक लागू
- गैर-जरूरी सरकारी यात्राओं पर रोक
- Vietnam:
- वर्क फ्रॉम होम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल की अपील
म्यांमार-कंबोडिया में पेट्रोल पंप बंद, ऑड-ईवन लागू
- Myanmar:
- ईंधन की भारी कमी
- गाड़ियों के लिए ऑड-ईवन सिस्टम लागू
- Cambodia:
- अनिश्चितता के बीच एक-तिहाई पेट्रोल पंप बंद
दूसरे देशों में भी सख्त फैसले
- Laos:
- वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य
- रोटेशनल शिफ्ट लागू
- Egypt:
- मॉल और रेस्टोरेंट रात 9 बजे तक बंद
- सरकारी दफ्तर शाम 6 बजे बंद
- बिलबोर्ड लाइट्स बंद
- Kenya:
- ईंधन राशनिंग
- निर्यात पर नियंत्रण
- South Africa:
- डीजल की कमी से निपटने के लिए उद्योगों में नियंत्रित आवंटन
न्यूजीलैंड और यूरोप में भी असर
- New Zealand:
- Car-Free Day नीति दोबारा लागू करने पर विचार
- Air New Zealand की कई उड़ानें रद्द
- Slovakia:
- डीजल खरीद पर कोटा लागू
- Slovenia:
- ईंधन की सीमा तय, ताकि स्थानीय सप्लाई बनी रहे
क्या संकेत दे रहा है यह संकट?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट:
- वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाल सकता है
- तेल की कीमतों को और बढ़ा सकता है
- और कई देशों में कोविड जैसे प्रतिबंधों की वापसी करा सकता है



