गम्भीर जी, ये क्रिकेट की पिच नहीं है !

स्पेशल डेस्क

क्रिकेट की पिच पर गौतम हमेशा गम्भीर रहे हैं। बल्लेबाजी में उनका कोई सानी नहीं था लेकिन बाद में उनकी फॉर्म ने उनका साथ छोड़ दिया और उन्हें क्रिकेट से किनारा करना पड़ा। अब वह देश की राजनीति में अपना दम दिखा रहे हैं लेकिन क्रिकेट की पिच और राजनीति के पिच में जमीन-आसमान का फर्क होता है। क्रिकेट में उनका बल्ला जब तक बोला तब तक उनकी जगह बनी रही है।

साल 2011 विश्व कप में 91 रन की पारी ने टीम इंडिया को विश्व कप का खिताब दिलाया था, हालांकि इसके बाद गौतम गम्भीर का क्रिकेट करियर खात्मे की ओर बढऩे लगा। आलम तो यह था कि वह खुलेआम अपने कप्तान के खिलाफ भी आवाज बुलंद करने लगे थे। ये वो दौर था जब टीम के कई सीनियर खिलाड़ी एकाएक टीम से आउट होने लगे थे। सहवाग के बाद गम्भीर को अपनी जगह गंवानी पड़ी।

इसके बाद घरेलू क्रिकेट में गम्भीर ने खेलना जारी रखा लेकिन यहां भी उनके खामोश बल्ले ने सवाल उठा दिया। इसके बाद उनको संन्यास लेने पर मजबूर होना पड़ा। संन्यास के बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। इसी के तहत उन्होंने मोदी की शान में कसीदा भी पढऩा शुरू कर दिया। इसके बाद गौतम गम्भीर को बीजेपी ने टिकट भी थमा दिया। गौतम गम्भीर पूर्वी दिल्ली में ताल ठोंक रहे हैं लेकिन राजनीतिक की पिच पर उनका अनुभव कम है।

ऐसे में उनको लेकर विरोधी लगातार घेर रहे हैं। गम्भीर को कांग्रेस उतनी चुनौती नहीं दे रही है जितनी आम आदमी पार्टी। आम आदमी पार्टी की आतिशी मर्लेना ने पूर्व क्रिकेटर गौतम गम्भीर पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे बांटने की बात कही है। गंभीर पर मर्लेना के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे बांटने का आरोप लगया है जिसके बाद वहां की राजनीति पारा चढ़ गया है।

गम्भीर के बचाव में आये साथी खिलाड़ी

गम्भीर के साथी खिलाड़ी हरभजन सिंह, वीवीएस लक्ष्मण और प्रज्ञान ओझा ने खुलकर गौतम गम्भीर का बचाव किया है।

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