गोरखपुर से PM का अखिलेश पर तंज, कहा-लाल टोपी वालों से UP को खतरा

लखनऊ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहजनपद गोरखपुर को मंगलवार को एम्स के रूप में एक नयी सौगात मिली है। पीएम मोदी ने गोरखपुर में एम्स, खाद कारखागे का उद्घाटन किया। गोरखपुर में एम्स शुरू हो जाने से बिहार, झारखंड और नेपाल तक के मरीजों को फायदा होगा। एक अनुमान के मुताबिक़ इस एम्स का फायदा करीब सात करोड़ आबादी को होगा।

इस दौरान पीएम मोदी ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला है। अहम बात ये है कि मोदी ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर हमला बोला लेकिन बिना नाम लिए उनपर तंज किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि लाल टोपी पहनने वालों को सरकार बनानी है, इन्हें यूपी में घोटालों के लिए सरकार चाहिए। लाल टोपी वालों को सिर्फ सत्ता और लाल बत्ती से मतलब है. पीएम मोदी ने कहा, ये लोग यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं।

पीएम मोदी ने कहा  लाल टोपी पहनने वालों को सरकार बनानी है, इन्हें आतंकियों पर मेहरबानी दिखाने और आतंकियों को छुड़ाने के लिए सरकार बनानी है। पीएम मोदी ने कहा, लाल टोपी वालों को यूपी में घोटालों के लिए सरकार चाहिए। लाल टोपी वालों को सिर्फ सत्ता और लाल बत्ती से मतलब है। पीएम मोदी ने कहा, ये लोग यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं। यानी खतरे की घंटी।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि, ‘पहले यूपी के लिए कुछ जिले ही बिजली के लिए वीआईपी थे, लेकिन अब योगी जी की सरकार ने यूपी के हर जिले को वीआईपी बनाकर भरपूर बिजली देने का काम किया है।

यह डबल इंजन का डबल विकास है, यही डबल इंजन की सरकार पर यूपी को विश्वास है। गोरखपुर में फर्टीलाइजर प्लांट, एम्स और मेडिकल रिसर्च सेंटर का शुरू होना एक संदेश दे रहा है कि जब डबल इंजन की सरकार होती है तो काम भी तेज होता है, जब सोच ईमानदार हो तो कोई भी रुकावट बाधा नहीं डाल सकती।

बता योगी आदित्यनाथ ने जब मुख्यमंत्री के रूप में सूबे की कमान संभाली थी तो उसके फ़ौरन बाद उनके ही शहर के बीआरडी मेडिकल कालेज में बड़ी संख्या में इन्सेफ़ेलाइटिस की वजह से हुई बच्चो की मौत ने उनके खाते में शर्मिंदगी का बोझ डाल दिया था लेकिन अब जब योगी आदित्यनाथ फिर से विधानसभा चुनाव का सामना करने जा रहे हैं तो गोरखपुर को एम्स की सौगात मिलने जा रही है।

योगी आदित्यनाथ की सरकार के कार्यकाल में उद्घाटित होने वाले इस एम्स की मांग भी इन्हीं योगी आदित्यनाथ की थी. सांसद रहते हुए उन्होंने 2004 में गोरखपुर में एम्स के लिए आन्दोलन चलाया था। उन्होंने संसद में भी यह मांग उठाई थी।

2014 में जब केन्द्र में बीजेपी की सरकार बनी तो गोरखपुर में एम्स को लेकर योगी और मुखर हो गए। नरेन्द्र मोदी सरकार में उनकी मांग मानी गई और 22 जुलाई 2016 को प्रधानमन्त्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत इसका शिलान्यास किया गया। 2017 में सूबे की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथ में ही आ गई तो उसके कम में भी तेज़ी आ गई।

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