Lakhimpur Violence में मारे गए किसानों के परिजन SC पहुंचे, आशीष मिश्रा की बेल का विरोध

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखीमपुर कांड में मारे गए किसानों के घरवालों ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है। दरअसल ये लोग लखीमपुर कांड के आरोपी आशीष मिश्रा को जमानत मिलने का विरोध कर रहे हैं।

वही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। एडवोकेट शिव कुमार त्रिपाठी और सीएस पांडा ने याचिका दायर ने आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग करते हुए कहा है कि जमानत रद्द करना न्याय के नजरिए से बेहतर होगा।

लखीमपुर हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा को जमानत दी थी।

आशीष केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे हैं। उन पर किसानों को अपनी गाड़ी से कुचलकर मार डालने का आरोप लगा था। इस मामले पर सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी थी।

अदालत ने अब फैसला सुनाते हुए जमानत दे दी थी और अब जेल से बहार आ गए है। इसके बाद से ही किसानों के परिजनों ने फैसले का विरोध किया था और इस आदेश को चुनौती देने की बात कही थी।

इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने भी कहा था कि संयुक्त किसान मोर्चा आठ लोगों की मौत से जुड़े लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगा। इस मामले में केंद्रीय मंत्री का बेटा आरोपी। टिकैत के भारतीय किसान यूनियन (BKU) के एक पदाधिकारी ने कहा कि एसकेएम शीर्ष अदालत में मामले की सुनवाई दोबारा करने की अपील करेगा।

बता दे कि तीन अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी में हुई इस घटना के सम्बन्ध में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये सुनवाई की थी और 18 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

लखीमपुर में हिंसा का तांडव उस समय हुआ था जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या लखीमपुर दौरे पर थे और बड़ी संख्या में किसान उनका विरोध करने के लिए जमा थे। बड़ी संख्या में मौजूद किसानों को रौंदती हुई आशीष मिश्रा की थार गाड़ी गुज़र गई थी। इस हिंसा में आठ लोगों की जान गई थी

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