Saturday - 24 January 2026 - 8:29 PM

EPFO Pension: 2026 में रिटायर होने वालों को कितनी मिलेगी पेंशन? ऐसे करें पूरा कैलकुलेशन

जुबिली स्पेशल डेस्क

प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट का नाम आते ही अक्सर चिंता बढ़ जाती है। वजह साफ है-सरकारी नौकरी की तरह यहां फिक्स पेंशन की गारंटी नहीं होती।

ऐसे में बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा को लेकर असमंजस स्वाभाविक है। हालांकि, अगर आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के दायरे में आते हैं और आपकी सैलरी से हर महीने पीएफ कटता है, तो यह आपके लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

ईपीएफओ की एम्प्लॉईज पेंशन स्कीम (EPS) निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक मजबूत सहारा है। अगर आप साल 2026 में रिटायर होने की तैयारी कर रहे हैं, तो अभी से यह जान लेना जरूरी है कि रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने कितनी पेंशन मिल सकती है।

सैलरी का छोटा हिस्सा, रिटायरमेंट का बड़ा सहारा

अक्सर लोग पीएफ कटौती को सिर्फ बचत मानते हैं, लेकिन इसका एक अहम हिस्सा भविष्य की पेंशन से जुड़ा होता है। हर महीने आपकी सैलरी से कटने वाला पीएफ और नियोक्ता की ओर से किया गया योगदान दो हिस्सों में बंटता है।

नियोक्ता के योगदान का एक बड़ा हिस्सा सीधे ईपीएस (EPS) में जाता है। यही राशि आपके रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन का आधार बनती है।

हालांकि, पेंशन पाने के लिए कुछ शर्तें भी तय हैं। कर्मचारी को कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी करनी होती है। सामान्य रूप से 58 साल की उम्र में पूरी पेंशन का लाभ मिलता है।

ऐसे करें अपनी पेंशन का हिसाब

पेंशन की गणना के लिए किसी एक्सपर्ट के पास जाने की जरूरत नहीं है। ईपीएफओ ने इसके लिए एक आसान फॉर्मूला तय किया है—

(पेंशन योग्य सैलरी × कुल सेवा वर्ष) ÷ 70

यहां एक अहम बात समझना जरूरी है। ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, पेंशन की गणना के लिए अधिकतम सैलरी सीमा (Basic + DA) 15,000 रुपये प्रति माह तय है।

यानी आपकी बेसिक सैलरी चाहे जितनी भी हो, पेंशन का कैलकुलेशन अधिकतम 15,000 रुपये के आधार पर ही किया जाएगा।

2026 में रिटायरमेंट पर कितनी मिलेगी पेंशन?

इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कन्हैया नाम के एक कर्मचारी साल 2026 में रिटायर होने जा रहे हैं। उनकी ईपीएस में कुल पेंशन योग्य सेवा 50 साल है। चूंकि पेंशन की अधिकतम सैलरी सीमा 15,000 रुपये तय है, ऐसे में उनकी पेंशन इस तरह बनेगी—

15,000 × 50 ÷ 70 = 10,714 रुपये (लगभग)

यानि रिटायरमेंट के बाद कन्हैया को हर महीने करीब 10,714 रुपये की पेंशन मिलेगी।

समय से पहले पेंशन लेने पर होगा नुकसान

अगर कर्मचारी 58 साल की उम्र से पहले पेंशन लेना शुरू करता है, तो पेंशन की रकम घट जाती है। नियमों के मुताबिक, हर साल 4 फीसदी की कटौती की जाती है। यानी 50 साल की उम्र में पेंशन लेने पर मासिक पेंशन में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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