राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर वार-वोट चोरी संविधान के साथ धोखा

जुबिली स्पेशल डेस्क

बेंगलुरु: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर चुनाव आयोग और बीजेपी पर सीधा हमला बोला। फ्रीडम पार्क में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा “वोट की चोरी संविधान के साथ धोखा है, और हमें हर हाल में संविधान को बचाना होगा।”

राहुल ने आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और संविधान के साथ छेड़छाड़ हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्थानों को खत्म कर संविधान पर हमला किया।

महादेवपुरा का उदाहरण और आंकड़े

राहुल के अनुसार, कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा में कुल 6.50 लाख वोट हैं, लेकिन इनमें से लगभग 1 लाख वोट चोरी किए गए। उन्होंने कहा कि यह चोरी पांच तरीकों से हुई—

  • डुप्लीकेट वोटर: एक मतदाता का नाम कई स्थानों पर।
  • एक मतदाता द्वारा 5-6 पोलिंग बूथों पर वोट डालना।
  • लगभग 40 हजार मतदाता जिनका कोई वैध पता नहीं।
  • एक पते पर 40-40 वोटर पंजीकृत।
  • फर्जी पते और फर्जी पहचान वाले नाम।

राहुल ने दावा किया, “कल मैंने साबित किया कि देश में वोट चोरी हुई है। अगर चुनाव आयोग हमें इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट दे दे, तो हम साबित कर देंगे कि प्रधानमंत्री वोट चोरी कर पद पर पहुंचे हैं।”

चुनाव आयोग पर तंज

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने सबूत पेश किए, तो आयोग ने राजस्थान और बिहार की वेबसाइट बंद कर दी। “आयोग मुझसे एफिडेविट मांगता है। मैंने पहले ही संसद में संविधान पर हाथ रखकर शपथ ली है। जनता सवाल पूछ रही है, इसलिए वेबसाइट बंद कर दी गई।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डेटा नहीं मिला, तो यह जांच एक नहीं, बल्कि 10, 20 या 25 सीटों पर भी की जाएगी। “यह कर्नाटक की जनता के खिलाफ आपराधिक कृत्य है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

बीजेपी की विचारधारा पर आरोप

राहुल ने कहा कि कर्नाटक की सरकार पहले भी “पैसा देकर चोरी” की गई थी और अब लोकसभा सीट भी इसी तरह छीनी गई। “बीजेपी की विचारधारा संविधान के खिलाफ है, लेकिन हर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता संविधान की रक्षा करेगा।” गौरतलब है कि गुरुवार को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 फर्जी वोट जोड़े गए, जिससे बीजेपी को जीत मिली।

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