शक के घेरे में थी अब तो दुती ने कबूल कर लिया है …

सैय्यद मोहम्मद अब्बास
विश्व खेल पटल पर फर्राटा धाविका दुती चंद कोई नया नाम नहीं है। एक दौर था जब भारतीय एथलीट कुछ नामों के सहारे अपनी पहचान बना रहे थे लेकिन हाल के दिनों में यह तस्वीर बदली है। एथलेटिक्स में कई नये चेहरे विश्व खेल जगत पर अपना डंका बजा रहे हैं। टीटू लुका हो या फिर हेमा दास। ये दो ऐसे नाम है जो हाल के दिनों में अपनी काबिलियत से दुनिया जीतने का हौंसला दिखा रहे है। इन दो नामों के आलावा फर्राटा धाविका दुती चंद ने भारतीय तिरंगा कई मौकों पर बुलंद किया है।

उनकी क्षमता को देखकर कई लोगों ने सवाल भी उठाया था। दरअसल दुती चंद पर शक था कि वह महिला नहीं है बल्कि पुरुष खिलाड़ी है। इसको लेकर कई विवाद हो चुका है। इसी शक में कई बार उनके दौडऩे पर रोक भी लग चुकी है। अब उन्होंने खुद खुलासा कर दिया है कि वह समलैंगिक है। उन्होंने इसके साथ इस बात को स्वीकार कर लिया है कि चाका गोपालपुर (ओडिशा) में एक लडक़ी के साथ रिश्ते में हैं।
शक के घेरे में रही है ये एथलीट
फर्राटा धाविका दुती चंद जितनी तेज टै्रक पर दौड़ती है उतनी तेज उनकी जिंदगी में उथल-पथल हुई है। उनका करियर शुरू में शानदार रहा लेकिन 2014 में उनका खेल ट्रैक से उतर गया था। इस साल एथलेटिक्स महासंघों के अंतरराष्ट्रीय संघ (आईएएएफ) के नियमों को देखते हुए उनको बैन कर दिया था।

दरअसल जांच में पता चला था कि दुती में लडक़ी होने के बावजूद पुरुष हार्मोन ‘टेस्टोस्टेरोन’ का स्तर अधिक मिला था जिसके बाद उनके खेल पर रोक लगा दी गई थी।
इसी वजह से उन्होंने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी हिस्सा नहीं ले सकी थी। एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले सकी थी। हालांकि उसके बाद 27 जुलाई 2015 को स्विट्जरलेंड के लुसान स्थित खेलों से जुड़े विवादों को सुलझाने वाली सर्वोच्च अदालत यानी कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (सीएएस) या खेल पंचाट ने दुती के मामले की सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला करते हुए एथलेटिक्स महासंघों के अंतरराष्ट्रीय संघ आईएएएफ इन नियमों को 2 साल के लिए निलंबित करने का फैसला किया है।

इससे दुती को बड़ी राहत मिल गई थी और दोबारा से ट्रैक पर लौट सकी। इसमें यह भी फैसला किया गया था ऐसे महिला एथलीटों को खेलों में हिस्सा लेने की छूट दी जाये जिसमें एनड्रोजेन हार्मोन ज्यादा पाया जाता है। इसके बाद दुती ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2016 में नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया।

दुती चंद ने किया बड़ा खुलासा
दुती चंद ने एक अखबार से बातचीत में साफ करते हुए कहा है कि मुझे कोई ऐसा मिल गया है जो मेरा हमसफर है। मेरा मानना है कि हर किसी को वह जिस के भी साथ चाहे रहने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। मैंने हमेशा से उन लोगों के अधिकारों का समर्थन किया है जो समलैंगिक रिश्ते में रहना चाहते हैं। ये किसी की व्यक्तिगत पसंद का मामला है। अभी मेरा ध्यान चैंपियनशिप और ओलंपिक खेलों पर है, लेकिन भविष्य में मैं उसके साथ ही घर बसाना चाहूंगी।


