भड़काऊ भाषण देने के आरोप में डॉक्टर कफील खान गिरफ्तार

न्यूज डेस्क

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एएमयू में भड़काऊ भाषण देने वाले डॉक्टर कफील खान को यूपी एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे देर रात मुंबई से गिरफ्तार किया गया है।

बताया जा रहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर कफील ने भड़काऊ भाषण दिया था। इसके आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

इस बारे में एसटीएफ के महानिरीक्षक अमिताभ यश ने बताया कि डॉ. कफील को गुरुवार को मुंबई बाग में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होना था। गौरतलब है कि सीएए के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग पर महिला प्रदर्शन कर रही हैं।

इसी की तर्ज पर मुंबई बाग में विरोध-प्रदर्शन का आज तीसरा दिन है। जहां डॉक्टर कफील शामिल होने जाने वाले थे। उनके खिलाफ 13 दिसंबर को सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 153-ए के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई थी।

दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, कफील ने अपने भाषण में कहा था कि ‘मोटा भाई’ हर किसी को हिंदू या मुस्लिम बनना सिखा रहा है, लेकिन एक इंसान नहीं। आरएसएस के अस्तित्व में आने के बाद से वह संविधान में विश्वास नहीं करता। सीएए मुसलमानों को दूसरी श्रेणी का नागरिक बनाता है और बाद में उन्हें एनआरसी के कार्यान्वयन के साथ परेशान किया जाएगा।

गौरतलब है कि साल 2017 में डॉक्टर कफील खान तब चर्चा में आए थे जब गोरखपुर के राजकीय बीआरडी अस्पताल में दो दिन के अंदर 30 बच्चों की मौत हो गई थी। डॉक्टर कफील खान को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया था।

इस घटना के वक्त वह एईएस वार्ड के नोडल अधिकारी थे। बाद में शासन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वे लगभग सात महीने तक जेल में बंद रहे। इसके बाद अप्रैल 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। वहीं, डॉ. कफील ने अपने निलंबन को लेकर चल रही जांच को कोर्ट में चुनौती दी थी।

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