दिग्विजय की गिरफ्तारी पर राज्‍यसभा में हंगामा, सबकी नजर SC पर

न्यूज डेस्क

पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश में सियासी ड्रामा जारी है। इस सियासी ड्रामे का रिजल्ट क्या होगा, इसकी कुछ झलक आज आपके सामने आ सकती है। सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई शुरू होते ही मुकुल रोहतगी की ओर से कहा गया कि वो AGR के मामले में सुनवाई के लिए जाना चाहते हैं, जिसके बाद अदालत ने उनकी बात मान ली। अब मध्य प्रदेश के मसले पर दोपहर बाद सुनवाई होगी।

इस बीच सुनवाई के दौरान अदालत में कांग्रेस के वकील की ओर से दलील दी गई है कि अभी दुनिया मानवता के सबसे बड़े संकट कोरोना से जूझ रही है, ऐसे में क्या इस वक्त बहुमत परीक्षण कराना जरूरी है?

कांग्रेस के वकील की ओर से सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया गया है कि इस मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेजना चाहिए। क्योंकि मध्य प्रदेश जैसी स्थिति इससे पहले कर्नाटक और गुजरात में भी आ चुकी है। दुष्यंत दवे ने इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव का हवाला दिया।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार यानी आज इस मामले की सुनवाई करेगा। बीजेपी नेता ने अदालत में गुहार लगाकर कमलनाथ सरकार का बहुमत परीक्षण जल्द करवाए जाने को कहा है।

दूसरी ओर बागी विधायकों को मनाने के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह तड़के से बेंगलुरु में जमे हैं और विधायक से मिले बिना वापस न जाने पर अड़े हैं। इस बीच उनकी और लोकल पु‍लिस के बीच कहासुनी भी हुई और वो थाने में धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वो भुख हड़ताल पर बैठे हैं जब तक विधायकों से नहीं मिल लेंगे यहां से नहीं जाएंगे।

वहीं कुछ बागी विधायकों ने विडियो जारी कर उनसे मिलने से इनकार कर दिया है। दरअसल विधायकों की बगावत से मध्य प्रदेश सरकार संकट में है और कांग्रेस की पूरी कोशिश है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले वह बागी विधायकों की घर वापसी करवा ले। दिग्विजय इसी मुहिम के तहत बेंगलुरु में डेरा डाले हुए हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री से मिलने का वक्त मांगा है। माना ज रहा है कि वह भी बेंगलुरु जा सकते हैं।

इससे पहले दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि

मैं बेंगलुरु के रमादा होट्ल पहुँच गया हूँ। पुलिस हमें रोक रही है। ‘मैं गांधीवादी आदमी हूं मेरे पास न बम है, न पिस्तौल है, न हथियार है, न रायफल है। मुझे अकेले ले जाएं उनसे मिलवा दें। मुझे संतुष्टि हो जाएगी। मैं वापस चला जाऊंगा।’

इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘मैं मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार हूं, 26 मार्च को मतदान होना है। मेरे 22 विधायक यहां रुके हुए हैं। जोकि मुझसे बात करना चाहते हैं। उनके पास फ़ोन भी नहीं हैं। पुलिस वाले उनसे बात भी नहीं करने दे रहे हैं कहते हैं कि इनकी सुरक्षा को खतरा है।’

इस बीच बेंगुलुरु में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को हिरासत में लिया गया है। ये मामला राज्यसभा में उठा। कांग्रेस सांसदों ने इसपर हंगामा किया, जिसके कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा शुरू होने के बाद राज्यपाल का अभिभाषण खत्म होते ही सोमवार को सत्र स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद बीजेपी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में 48 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट कराने के लिए शिवराज सिंह चौहान की तरफ से याचिका दायर की गई थी।

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