Thursday - 29 January 2026 - 1:17 PM

दिल्ली हाईकोर्ट ने IRS समीर वानखेड़े की याचिका खारिज की, ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ पर रोक नहीं

जुबिली न्यूज डेस्क 

दिल्ली हाईकोर्ट ने IRS अधिकारी समीर वानखेड़े की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने आर्यन खान के निर्देशन में बनी नेटफ्लिक्स सीरीज ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में अपने कथित तौर पर बदनाम करने वाले चित्रण के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने अधिकार क्षेत्र के आधार पर याचिका पर विचार करने से इनकार किया और वानखेड़े को निर्देश दिया कि वह सक्षम क्षेत्राधिकार वाली कोर्ट में अपील करें।

कोर्ट का आदेश

कोर्ट ने कहा कि याचिका वादी को सक्षम अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में जाने के लिए वापस की जा रही है। अंतरिम रोक की अर्जी खारिज कर दी गई। अदालत ने इस मामले में दो अहम सवाल तय किए थे:

  1. क्या यह मामला दिल्ली में दायर किया जा सकता है?

  2. क्या विवादित चित्रण पहली नज़र में वानखेड़े की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है या यह सुरक्षित कलात्मक अभिव्यक्ति में आता है?

वानखेड़े के वकील की दलीलें

समीर वानखेड़े की ओर से सिनियर वकील जे साई दीपक ने कहा कि केस दिल्ली में भी मेंटेनेबल है, क्योंकि वानखेड़े से जुड़ी विभागीय कार्रवाई दिल्ली में पेंडिंग है और कई मीडिया हाउस ने यहां उनके खिलाफ लेख प्रकाशित किए हैं। उन्होंने कहा कि एपिसोड हटाने की मांग इसलिए की गई क्योंकि कंटेंट लगातार ऑनलाइन उपलब्ध होने से वानखेड़े को अपूरणीय नुकसान हो रहा है।

प्रोडक्शन कंपनी और नेटफ्लिक्स की दलील

रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के वकील नीरज किशन कौल ने कहा कि केस का सही क्षेत्राधिकार बॉम्बे होना चाहिए, क्योंकि वानखेड़े बॉम्बे में रहते हैं और कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस भी वहीं है।

नेटफ्लिक्स की ओर से सीनियर वकील राजीव नैयर ने कहा कि यह शो सटायर और डार्क कॉमेडी के माध्यम से बॉलीवुड कल्चर को एक्सपोज़ करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि वानखेड़े के खिलाफ आरोप 2022 से पब्लिक डोमेन में हैं और ऐसे कंटेंट को रोकना इंटरलोक्यूटरी स्टेज पर संभव नहीं है।

वानखेड़े की मांगें

वानखेड़े ने याचिका में 2 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की थी, जो कैंसर रोगियों के इलाज के लिए टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल को दान किए जाने थे। इसके साथ ही उन्होंने प्रोडक्शन हाउस और नेटफ्लिक्स पर स्थायी रोक लगाने की भी मांग की थी।

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वानखेड़े का आरोप था कि सीरीज को जानबूझकर उनकी इमेज खराब करने के लिए बनाया गया, खासकर उनके और आर्यन खान के मामले के दौरान, जो बॉम्बे हाईकोर्ट और NDPS स्पेशल कोर्ट में विचाराधीन है। याचिका में यह भी कहा गया कि सीरीज का कंटेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के नियमों का उल्लंघन करता है।

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