कोरोना वैक्सीन: नए ऑर्डर को लेकर सरकार ने क्या कहा?

जुबिली न्यूज डेस्क

देश में कोरोना तांडव मचाये हुए हैं और सरकार इससे निपटने के लिए कोई रास्ता नहीं तलाश पाई है। मरीज ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे हैं और सरकार सबकुछ ठीक होने का दावा कर रही है।

वर्तमान में देश में बेड, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, जरूरी दवाइयों के अलावा कोरोना टीका की किल्लत बनी हुई है। एक ओर जानकारों का कहना है कि जितना जल्दी लोगों तक टीका पहुंचेगा उतनी जल्दी कोरोना का तांडव खत्म होगा, लेकिन विडंबना यह है कि कई राज्यों में टीका न होने की वजह से टीकाकरण अभियान को ब्रेक लग गया है।

वहीं आज पीआईबी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में मीडिया में चल रही उन खबरों का खंडन किया गया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि मार्च के बाद से केंद्र ने कोरोना वैक्सीन के लिए कोई नया ऑर्डर नहीं दिया है।

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दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार ने कोरोना टीकों को लेकर कोई नया ऑर्डर नहीं दिया है। इन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत की दो वैक्सीन निर्माता कंपनियों (सीरम इंस्टीट्यूट 100 और भारत बायोटेक 20 मिलियन) को अंतिम ऑर्डर मार्च 2021 में दिया गया था।

इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मीडिया में चल रही ये खबरें पूरी तरह से गलत है और किसी भी सही तथ्य पर आधारित नहीं है।

पीआईबी द्वारा जारी इस प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह स्पष्ट किया जाता है कि सीरम इंस्टीट्यूट को सौ प्रतिशत एडवांस जारी करते हुए 1732.50 करोड़ रुपये दिये गए हैं। यह रकम 28 अप्रैल 2021 को जारी की गई जो कि कोविशील्ड की अतिरिक्त 11 करोड़ डोज के लिए है।

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इसके अलावा 100 प्रतिशत एडवांस देते हुए भारत बायोटेक को पांच करोड़ वैक्सीन के लिए 787.50 करोड़ रुपये दिये गए हैं। इसलिए यह कहना कि भारत सरकार ने वैकेसीन के लिए मार्च के बाद से कोई ऑर्डर नहीं दिया, सही नहीं है।

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वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भी ट्वीट करके इस बात का समर्थन किया है। अपने ट्वीट में कंपनी ने कहा है,- “हम इस कथन और सूचना की प्रमाणिकता का समर्थन करते है। हम पिछले एक साल से भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और भारत सरकार के सहयोग के लिए उनका धन्यवाद भी करते हैं। हम लोगों की जिंदगी बचाने के लिए अपने टीकों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

 

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