सस्ती हो गई कोरोना की वैक्सीन, जानें-COVAXIN और COVISHIELD की नई कीमत

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। देश में कोरोना की तीसरी लहर अब पूरी तरह से कमजोर पड़ चुकी है। ऐसे में लोगों की जिंदगी फिर से पटरी पर लौटती नजर आ रही है। बता दें कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर काफी खतरनाक रही है और इस दौरान कई लोगों को अपनी जिंदगी गवानी पड़ी है।

हालांकि अब कोरोना पूरी तरह से काबू में है लेकिन सतर्क रहने की सलाह जरूर दी जा रही है। दूसरी ओर सरकार का अब भी पूरा फोकस है वैक्सीन पर।

सरकार की कोशिश है कि देश के हर नागरिक को कोरोना की वैक्सीन लगे। इसके लिए सरकार समय-समय पर योजना बनाती रहती है ताकि लोगों को कोरोना से पूरी तरह से बचाया जा सके।

दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 अप्रैल से निजी टीकाकरण केंद्रों में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए कोविड-19 टीके की एहतियाती खुराक उपलब्ध कराए जाने का हाल ही में घोषणा की है।

दूसरी ओर कोरोना के वैक्सीन के दामों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। दरअसल कोरोना की वैक्सीन के दामों को घटाया जा रहा है। इसका एलान भी शनिवार को कर दिया गया है।

सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने ट्वीट करते हुए कहा है कि हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि केंद्र सरकार के साथ चर्चा के बाद SII ने निजी अस्पतालों के लिए COVISHIELD वैक्सीन की कीमत 600 रुपये से घटाकर 225 रुपये प्रति डोज करने का फैसला किया है। हम सभी 18+ के लिए प्रिकॉशन डोज शुरू करने के केंद्र के इस फैसले की एक बार फिर सराहना करते हैं।

वही भारत बायोटेक की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एला का कहना है कि हमने निजी अस्पतालों के लिए कोवैक्सीन की कीमत 1200 रुपये से घटाकर 225 रुपये करने का फैसला किया है। बायोटेक की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एला करते हुए कहा है कि निजी अस्पतालों के लिए बूस्टर डोज की कीमत कर दी गई है। यह डोज पहले 1200 रुपये में मिलती थी जो कि अब मात्र 225 रुपये में उपलब्ध होगी।

https://twitter.com/SuchitraElla/status/1512733365631590402?s=20&t=aHT-c1Th0NEsJ_Ij09MqJg

बता दे कि डब्ल्यूएचओ की साप्ताहिक संक्रमण रिपोर्ट (इस हफ्ते जारी) में उसके 6 क्षेत्रों में 90 लाख से अधिक नए मामले सामने आने और 26,000 से अधिक मौतें होने की जानकारी दी गई।

सभी क्षेत्रों से नए साप्ताहिक मामलों और मौतों की संख्या में घटते रुझान के संकेत मिले। वैश्विक स्तर पर तीन अप्रैल तक 48.9 करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 60 लाख से अधिक मौतें हुई हैं।

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