कोविशील्ड और कोवैक्सीन के इस्तेमाल पर DCGI की मुहर

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क 

कोरोना वैक्सीन पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी कि DCGI ने बड़ा ऐलान किया है। DCGI ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकाल इस्तेमाल की अंतिम मंजूरी दे दी है। इसके अलावा जायडस कैडिला की वैक्सीन ‘जाइकोव-डी’ को तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के लिए मंजूरी मिल गई है।

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अब ये वैक्सीन देश में आम लोगों को लगाए जा सकेंगे। इससे पहले SEC ने 1 जनवरी को कोविशील्ड और 2 जनवरी कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति देने की सिफारिश DCGI से की थी। DCGI ने इस पर आज मुहर लगा दी है।

DCGI के निदेशक ने बताया कि दोनों ही वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इसका इस्तेमाल इमरजेंसी की स्थिति (Restricted use in emergency conditions) में किया जा सकेगा। DCGI के मुताबिक दोनों ही वैक्सीन की दो दो डोज इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी। इन दोनों वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री के तापमान में सुरक्षित रखा जा सकेगा।

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बता दें कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया जब किसी दवा, ड्रग, वैक्सीन को अंतिम अनुमति देता है, तभी इन दवाओं, वैक्सीन का सार्वजनिक इस्तेमाल हो सकता है। ऐसी इजाजत देने से पहले DCGI वैक्सीन पर किए गए परीक्षण के आंकड़ों का कड़ाई से अध्ययन करता है। जब DCGI इस रिपोर्ट से संतुष्ट होता है तभी वह वैक्सीन के सार्वजनिक इस्तेमाल की इजाजत देता है।

दोनों वैक्सीन के इमर्जेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिलने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा- ‘DCGI ने सीरम इंस्टिट्यूट के कोविशील्ड और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन को मंजूरी दे दी है। भारत को बधाई। हमारे सभी मेहनती वैज्ञानिकों और इनोवेटर्स को बधाई।’

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के सीईओ अदार पूनावाला ने भी इस बारे में ट्वीट करके जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया- सभी को नया साल मुबारक हो। कोविशील्ड, भारत के पहले COVID-19 वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। सुरक्षित और प्रभावी यह वैक्सीन आने वाले हफ्तों में रोल-आउट के लिए तैयार है।

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस फैसले का स्‍वागत करते हुए कहा कि अति-घातक कोरोनावायरस महामारी को लेकर आए स्वदेशी वैक्सीन (टीके) का स्वागत व वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही, केन्द्र सरकार से विशेष अनुरोध भी है कि देश में सभी स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ सर्वसमाज के अति-गरीबों को भी इस टीके की मुफ्त व्यवस्था की जाए तो यह उचित होगा।

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