जुबिली न्यूज डेस्क
देश में UGC के नए नियमों को लेकर बवाल मचा हुआ है। इसका सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है, जहां सवर्ण छात्र सड़क पर उतरकर इस नियम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वहीं कई राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। आइए जानते हैं किसने क्या कहा।

सपा का रुख
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि दोषी बचे नहीं और निर्दोष फंसे नहीं। उन्होंने इसे बीजेपी की चाल बताया। अखिलेश का यह बयान संतुलित माना जा रहा है, जिससे सवर्ण समाज संतुष्ट रहे और वोटबैंक को भी कोई आंच न पहुंचे।
बसपा की प्रतिक्रिया
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने विरोध करने वालों को चेताया कि कुछ लोग केवल जातिवादी मानसिकता से ही विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को नियम लागू करने से पहले सभी वर्गों का विश्वास लेना चाहिए था, ताकि सामाजिक तनाव न बढ़े। साथ ही उन्होंने दलित और पिछड़े वर्गों को भड़काऊ बयानों के बहकावे में नहीं आने की सलाह दी।
कांग्रेस का स्टैंड
यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे हिंदू-मुस्लिम फूट डालने के प्रयास के रूप में देखा। कांग्रेस ने साफ किया कि उनके लिए सब लोग समान हैं और ऐसा विभाजन नहीं होने देंगे।
आज़ाद समाज पार्टी का समर्थन
चंद्रशेखर आजाद, आज़ाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना सांसद ने UGC के नए नियमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और नियमों को और सख्त करने की आवश्यकता है।
जनशक्ति जनता दल का रुख
राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, UGC ने दलित, पिछड़े और अति पिछड़े छात्रों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि अब हर यूनिवर्सिटी में इक्विटी कमेटी होगी, जो SC/ST/OBC छात्रों की शिकायतों का तुरंत निपटारा करेगी। तेज प्रताप ने सभी राजनीतिक और सामाजिक समूहों से आग्रह किया कि ऐतिहासिक रूप से वंचित छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने वाले उपायों का समर्थन करें।
शिवसेना का रुख
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षा मंत्री के मौखिक आश्वासनों से गाइडलाइंस की गलत व्याख्या नहीं रोकी जा सकती। उनका कहना है कि नियमों के सही पालन के लिए मंत्री को इसे लिखित रूप में स्पष्ट करना चाहिए।
तमिलनाडु के सीएम का समर्थन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि UGC के नए नियम समर्थन योग्य हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि नियमों के मुख्य उद्देश्य को कमजोर करने के लिए किसी दबाव की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने पुराने मंडल कमीशन के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि विरोध उसी पुरानी सोच से प्रेरित है।
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