पब्लिसिटी के लिए कौन इस्तेमाल कर रहा है सीएम का नाम

न्‍यूज डेस्‍क

नेतृत्व के मुद्दे पर जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत का दावा किया है। उन्‍होंने कहा कि

कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान उन्होने अपने विरोधीयों को भी आडे हाथों लिया और कहा कि “कुछ लोग सिर्फ पब्लिसिटी के चक्कर में मेरे नाम का इस्तेमाल करते रहते हैं लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नही पडता क्योंकि मैं लोगों की सेवा करने में विश्वास रखता हूं। जिन लोगों को संदेह है, वो कान खोलकर सुन लें कि एनडीए विधानसभा चुनावों में 200 से अधिक सीटें जीतेगी।”

एनडीए में दरार के अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होनें कहा की,“कुछ लोग सिर्फ भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि चुनाव के बाद उन्हें पता चल जाएगा की कौन कितने पानी में है।”

हालांकि अपने पुरे संबोधन में उऩ्होने किसी का नाम तो नही लिया मगर जदयू के सूत्र बताते हैं की उनका इशारा बिहार के दलित नेता और बीजेपी एमएलसी संजय पासवान की ओर था, जिन्होने अभी हाल ही में उन्हें राज्य के सत्ता की बागडोर बीजेपी के हाथों में सौपने की बात कही थी।

संजय पासवान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय और बीजेपी के फायरब्रान्ड नेता गिरीराज सिंह के करीबी माने जाते हैं। सूत्र ये भी बताते हैं संजय पासवान बीजेपी के उस गुट के समर्थक हैं जो जदयू को दरकिनार कर के बिहार में अपने दम पर चुनाव लडना चाहती हैं।

संजय पासवान के बयान के बाद से बिहार की एनडीए में टूट की खबरें भी आने लगी थी और विपक्षी दल खासकर के राजद इस मुद्दे को लेकर नितीश कुमार के खिलाफ लगातार बयानबाजी भी कर रहा था। मामले के शांत करने के लिए राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी नें अपने ट्विट में नितीश कुमार को “एनडीए का कप्तान” घोषित किया था और कहा थी कि “वह 2020 के विधानसभा चुनाव में भी वो कप्तान की भुमिका में ही रहेंगे”।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पटना में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इस तरह के बयान दिए और उन्होने प्रवक्ताओं को “विरोधियों द्वारा दिए जा रहे बयानों को नजरअंदाज करने और पार्टी के एजेंडे पर ध्यान केंद्रित करने” का निर्देश दिया।

इस मोके पर उन्होने विपक्षी दलों की भी आलोचना की और कहा की ” मुझे उनके बारे में कुछ भी नहीं कहना है, राज्य की जनता चुनाव में फैसला करेगी। हर कोई जानता है कि लोकसभा चुनाव से पहले वे क्या कह रहे थे और उनके बाद में उनके साथ क्या हुआ। मैं केवल लोगों की सेवा करने में विश्वास रखता हूं। मेरी सरकार ने महिलाओं, ओबीसी, अतिपिछडा, महादलितों और अल्पसंख्यकों सहित हर वर्ग के लिए काम किया है और राज्य में लोगों के कल्याण के लिए आगे भी काम करना जारी रखेंगे। ”

 

 

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