यूरोप से डैमेज कंट्रोल में जुटे चंद्रबाबू नायडू

न्यूज डेस्क

टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू इन दिनों यूरोप में छुट्टियां मना रहे हैं लेकिन उनका ध्यान भारत में ही लगा हुआ है। पिछले दिनों उनकी पार्टी के चार राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद नायडू वहीं से पार्टी के नेताओं को एकजुट करने में लगे हुए हैं।

चंद्रबाबू नायडू की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। लोकसभा चुनाव व राज्य विधानसभा चुनाव में करारी हार का गम खत्म हुआ नहीं कि पार्टी के छह में से चार सांसद भाजपाई हो गए। सबसे बड़ी विडंबना ये रही कि जब सांसद भाजपाई हो रहे थे तो वह उस यूरोप में थे। फिलहाल नायडू वहीं से पार्टी की गतिविधियों पर निगाह बनाए हुए हैं।

टेलीकांफ्रेंस के माध्यम से पार्टी के सभी नेताओं संग की चर्चा

टीडीपी में मचे घमासान के बीच चंद्रबाबू नायडू पार्टी के डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। शनिवार को नायडू ने टेलीकांफ्रेंस के माध्यम से पार्टी के सभी नेताओं संग चर्चा की है। सभी पार्टी नेता उनके अमरावती घर में इकठ्ठे हुए थे। इस दौरान नायडू ने भाजपा में शामिल चार राज्यसभा सदस्यों के बारे में विशेष चर्चा की है।

मालूम हो कि 21 जून को राज्यसभा चेयरमैन वैंकेया नायडू ने टीडीपी के चार राज्यसभा सदस्यों को भाजपा में शामिल होने को मंजूरी दे दी है। अब ये सांसद भाजपा के सांसद माने जाएंगे।

इन चारों सांसदों ने राज्यसभा में अपनी पार्टी के भाजपा में विलय की घोषणा की थी। हालांकि टीडीपी ने इसका विरोध किया था और राज्यसभा के सभापति से मिलकर इनकी सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। टीडीपी ने यह भी कहा कि राज्यसभा के सभापति को दलों के विलय को मंजूरी देने का अधिकार नहीं हैैं।

बता दें कि टीडीपी के राज्यसभा में छह सांसद थे। 20 जून को राज्यसभा संसदीय दल की बैठक में चार सदस्य- वाईएस चौधरी, सीएम रमेश, जीएम राव और टीजी वेंकटेश ने एक औपचारिक प्रस्ताव पारित कर भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया था। भाजपा में शामिल होने वालों में संसदीय दल के नेता वाईएस चौधरी भी हैं।

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