Bihar : पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर वोटिंग, जानें कौन हैं बड़े चेहरे

जुबिली स्पेशल डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। राज्य की 243 सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा — पहला चरण 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर को शेष 122 सीटों पर होगा।
मतगणना 14 नवंबर को निर्धारित है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मुख्य मुकाबला एनडीए बनाम महागठबंधन के बीच है। वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी समेत कई छोटे दल भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं।
राघोपुर: लालू परिवार का गढ़, तेजस्वी बनाम सतीश यादव
राघोपुर विधानसभा सीट एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां से तेजस्वी यादव लगातार तीसरी बार मैदान में हैं। उनका मुकाबला भाजपा के सतीश कुमार यादव और जन सुराज पार्टी के चंचल सिंह से है।
राघोपुर को लालू परिवार का पारंपरिक गढ़ माना जाता है लालू प्रसाद यादव 1995 और 2000 में यहां से विधायक चुने गए थे, जबकि राबड़ी देवी ने भी तीन बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।
सतीश यादव ने 2010 में राबड़ी देवी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था, लेकिन बाद में 2015 और 2020 दोनों चुनावों में तेजस्वी से हार गए।
महुआ: तेज प्रताप की वापसी, चिराग की पार्टी से तिकड़ी मुकाबला
महुआ सीट इस बार सबसे दिलचस्प मुकाबलों में से एक है। यहां तेज प्रताप यादव ने राजद से निष्कासन के बाद अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) से चुनावी ताल ठोकी है।
राजद ने इस सीट से मौजूदा विधायक मुकेश कुमार रौशन को उतारा है, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने संजय कुमार सिंह को मैदान में भेजा है।
2015 में तेज प्रताप ने महुआ से जीत हासिल की थी, लेकिन 2020 में उन्होंने हसनपुर से चुनाव लड़ा था। इस बार महुआ में तीनों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर की संभावना है।
तारापुर: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सियासी इम्तिहान
मुंगेर जिले की तारापुर सीट भाजपा-जदयू गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों के कारण चर्चा में है। पारंपरिक रूप से जदयू की सीट रही तारापुर इस बार भाजपा को मिली है, जहां से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मैदान में हैं।
यह सीट कुशवाहा, यादव, मुस्लिम और अनुसूचित जाति मतदाताओं के मिश्रण के कारण सियासी रूप से अहम है।
सम्राट चौधरी का मुकाबला राजद के अरुण कुमार और जन सुराज पार्टी के संतोष सिंह से है।
लखीसराय: विजय कुमार सिन्हा की प्रतिष्ठा दांव पर
लखीसराय सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का सीधा मुकाबला कांग्रेस के अमरेश कुमार और जन सुराज पार्टी के सूरज कुमार से है।
सिन्हा 2010, 2015 और 2020 तीनों चुनावों में लगातार विजयी रहे हैं और भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा की प्रतीक बन चुकी है।
2020 में उन्होंने 74,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी।
अलीनगर: मैथिली ठाकुर की एंट्री से बढ़ा रोमांच
लोकप्रिय गायिका और भाजपा नेता मैथिली ठाकुर ने अलीनगर सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर माहौल गर्म कर दिया है।
उनका मुकाबला राजद के विनोद मिश्रा और जन सुराज पार्टी के विप्लव चौधरी से है।
2020 में यहां वीएसआईपी के मिश्री लाल यादव ने जीत दर्ज कर राजद का लंबा वर्चस्व तोड़ा था।
अब मैथिली ठाकुर के उतरने से यह सीट पूरी तरह हाईप्रोफाइल बन गई है।
हरनौत: नीतीश की विरासत की परीक्षा
हरनौत विधानसभा सीट, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा का शुरुआती बिंदु रही है।
1985 में वे यहीं से पहली बार विधायक बने थे।
इस बार जदयू ने हरि नारायण सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि मुकाबले में कांग्रेस के अरुण कुमार और जन सुराज पार्टी के कमलेश पासवान हैं।
नीतीश कुमार की राजनीतिक साख से जुड़ी यह सीट हमेशा से जदयू का गढ़ मानी जाती रही है।
परसा: तेज प्रताप की चचेरी साली करिश्मा राय मैदान में
सारण जिले की परसा सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।राजद ने यहां से डॉ. करिश्मा राय को उम्मीदवार बनाया है, जो तेज प्रताप यादव की चचेरी साली हैं।उनका मुकाबला जदयू के छोटे लाल राय और जन सुराज पार्टी के मोसाहेब महतो से है।पारिवारिक विवादों और तेज प्रताप की नई पार्टी की वजह से यह सीट पूरे बिहार में चर्चा में है।
हसनपुर: तेज प्रताप की पुरानी सीट, अब नए चेहरे मैदान में
हसनपुर सीट, जहां से तेज प्रताप यादव ने 2020 में चुनाव जीता था, अब फिर से सुर्खियों में है।
इस बार राजद ने माला पुष्पम, जबकि जदयू ने पूर्व विधायक राज कुमार राय को उम्मीदवार बनाया है।
दोनों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हर सीट पर सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।एनडीए अपनी सत्ता बचाने की कोशिश में है, जबकि महागठबंधन वापसी की राह तलाश रहा है। तेजस्वी बनाम सम्राट चौधरी की यह जंग अब राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगी।
6 नवंबर को पहले चरण में 121 सीटों पर होगा मतदान
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