दम तोड़ते मासूम और स्वास्थ्य मंत्री का मैच का स्कोर पूछना

न्यूज डेस्क

इस समय चर्चा में है बिहार, चमकी बुखार और स्वास्थ्य मंत्री। बिहार के मुजफ्फरपुर का माहौल गमगीन है। यहां अस्पतालों में सिर्फ सिसकियां और चीख सुनाई दे रही है। अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के चेहरे पर हर पल अपने कलेजे के टुकड़े को खोने का डर साफ दिखाई दे रहा है।

दरअसल यहां चमकी बुखार सौ से ज्यादा माताओं की कोख सूनी कर चुका है। अस्पतालों में दम तोड़ते मासूम और परिजनों की चीख से पत्थर दिल इंसान भी विचलित हो रहा है लेकिन इसका असर सूबे स्वास्थ्य मंत्री पर रत्ती भर नहीं है।

इतनी बड़ी घटना पर जिस तरह का स्वास्थ्य महकमा का रवैया होना चाहिए वैसा बिल्कुल नहीं है। जब स्वास्थ्य मंत्री का गैरजिम्मेदाराना रवैया है तो महकमे के अन्य लोगों से क्या उम्मीद की जाए।

प्रेस कांफ्रेंस में स्कोर पूछते दिखाई दिए स्वास्थ्य मंत्री

चमकी बुखार को लेकर 16 जून को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का स्कोर पूछते दिखाई दिए।

सोशल मीडिया पर मंगल पांडेय का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो चमकी बुखार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंगल पांडेय पत्रकारों से भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का स्कोर पूछते दिखाई दिए।

वीडियो में देखा जा सकता है कि मंगल पांडेय पत्रकारों से मैच का स्कोर पूछते हुए विकेट के बारे में पूछ रहे हैं तो वहीं जवाब में 4 विकेट गिर जाने की बात भी सुनाई दे रही है।

झपकी लेते दिखे पीसी में अश्विनी चौबे

प्रेस कांफ्रेंस में जिस तरह से मंत्रियों का व्यवहार दिखा वह बेहद अमानवीय था। 16 जून को ही प्रेस कांफ्रेंस में जहां मंगल पांडेय मैच का स्कोर पूछते नजर आए तो वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे झपकी लेते दिखाई दिए। अश्विनी चौबे का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह सोते हुए दिखाई दिए थे। इस पर चौबे भी घिरते हुए नजर आ रहे हैं।

दोनों मंत्रियों ने जिस तरह गैरजिम्मेदाराना रवैया दिखाया कोई और देश होता तो सरकार हिल जाती। यह भारत में ही संभव है कि ऐसी विषम परिस्थितियों में एक मंत्री झपकी ले रहा है और दूसरा स्कोर पूछ रहा है और इनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

दर्ज हुआ मुकदमा

सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी को ओर से मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में 24 जून को सुनवाई होगी।

बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 से ज्यादा पहुंच गई है। मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमसीएच) और केजरीवाल अस्पताल में 375 बच्चे एडमिट हैं। चमकी बुखार से पीडि़त मासूमों की सबसे ज्यादा मौतें मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल में हुई हैं। वहीं चमकी बुखार की आंच अब मोतिहारी तक पहुंच गई है, जहां एक बच्ची बुखार से पीडि़त है।

Related Articles

Back to top button