क्या मुसलमानों को सेकेंड क्लास नागरिक बनाना चाहते हैं मोहन भागवत ?

जुबिली न्यूज़ डेस्क

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को ट्वीट कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के मुसलमान दुनिया में सबसे ज्यादा संतुष्ट मुसलमान हैं।

उन्होंने कहा कि मोहन भागवत यह न बताएं कि हम कितने खुश हैं। उनकी विचारधारा मुसलमानों को सेकेंड क्लास की नागरिक बनाना चाहती है।

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ओवैसी ने ट्वीट करके कहा कि खुशी का पैमाना क्या है? यही कि भागवत नाम का एक आदमी हमेशा हमें बताता रहा कि हमें बहुसंख्यकों के प्रति कितना आभारी होना चाहिए? हमारी खुशी का पैमाना यह है कि क्या संविधान के तहत हमारी मर्यादा का सम्मान किया जाता है या नहीं, अब हमें ये नहीं बताइए कि हम कितने खुश हैं, जबकि आपकी विचारधारा चाहती है कि मुसलमानों को द्वितीय श्रेणी का नागरिक बनाया जाए।

इसके साथ ही ओवैसी ने कहा कि मैं आपको ऐसा कहते हुए सुनना नहीं चाहता हूं कि हमें अपने ही होमलैंड में रहने के लिए बहुसंख्यकों के प्रति कृतज्ञता जतानी चाहिए। हमें बहुसंख्यकों की सह्रदयता नहीं चाहिए, हम दुनिया के मुसलमानों के साथ खुश रहने की प्रतिस्पर्द्धा में नहीं हैं, हम सिर्फ अपना मौलिक अधिकार चाहते हैं।

बता दें कि एक इंटरव्यू में मोहन भागवत ने कहा था कि सबसे ज्यादा मुसलमान भारत में ही संतुष्ट मिलेंगे। क्या दुनिया में एक भी उदाहरण ऐसा है जहां किसी देश की जनता पर शासन करने वाला कोई विदेशी धर्म अब भी वजूद में हो। अपने ही सवाल का जवाब देते हुए मोहन भागवत ने कहा था कि कहीं नहीं, केवल भारत में ही ऐसा है।

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