क्या वाकई बंद हो रहे हैं 500 रुपये के नोट? जानिए पूरा सच !

जुबिली स्पेशल डेस्क
मौजूदा समय में सोशल मीडिया की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। आलम तो यह है कि हर कोई सोशल मीडिया से जुड़ा रहना चाहता है। लोग देश में हो या फिर विदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से लोग एक दूसरे से जुड़े रहते हैं।
सोशल मीडिया के सहारे लोगों को बेहद कम वक्त में ताजा सूचनायें भी प्राप्त हो जाती है। हालांकि कुछ लोग सोशल मीडिया के सहारे रातों-रात स्टार बन जाते हैं।
दरअसल ऐसे लोग सोशल मीडिया पर कोई वीडियो पोस्ट कर स्टार बन जाते हैं।मौजूदा वक्त में किसी भी घटना का वीडियो वायरल हो जाता है।

इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर अक्सर कोई न कोई मैसेज वायरल हो जाता है। लोग वायरल मैसेज को सच मान लेते हैं और फिर उसे आगे बढ़ाते रहते है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है और इस वीडियो में बताया गया है किभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में बैंकों को निर्देश दिया है कि एटीएम में 100 और 200 रुपए के नोटों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए RBI ने बैंकों को एक तय समयसीमा (डेडलाइन) भी दी है।
इसके बाद से 500 रुपए के नोट को लेकर अटकलें लग रही हैं कि क्या यह नोट बंद किया जा सकता है। हालांकि RBI की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन निर्देश के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया है।
https://twitter.com/PIBFactCheck/status/1929898698290672131
क्या है पूरा मामला?
सबसे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि एटीएम में 100 और 200 रुपये के नोटों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके बाद अलग-अलग विशेषज्ञों ने इस फैसले की अलग-अलग तरह से व्याख्या की।
एक एक्सपर्ट के मुताबिक, पहले एटीएम में छोटे नोट (100 और 200) बढ़ाए जाएंगे और धीरे-धीरे 500 रुपये के नोट मार्केट से वापस लेकर बैंकों में जमा कराए जाएंगे। ये प्रक्रिया एकदम नहीं होगी, लेकिन माना जा रहा है कि RBI धीरे-धीरे 500 के नोटों को चलन से हटाने की दिशा में बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री के बयान से बढ़ी चर्चा
इस मुद्दे पर तब और चर्चा बढ़ गई जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार को 500 रुपये और उससे बड़े नोटों को बंद कर देना चाहिए। उनका मानना है कि बड़े नोट भ्रष्टाचार की जड़ हैं और इन्हें हटाना जरूरी है। इसके बाद 500 रुपये के नोट फिर से सुर्खियों में आ गए।

