जुबिली न्यूज़ डेस्क
नई दिल्ली. किसानों के मुद्दे को लेकर अन्ना हजारे ने लम्बे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है. अन्ना हजारे ने केन्द्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जनवरी के अंत तक किसानों की मांगें न मानी गईं तो वह भूख हड़ताल शुरू कर देंगे.
रालेगढ़ सिद्धि गाँव में अन्ना ने कहा कि वह पिछले तीन साल से किसानों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार ने किसानों के मुद्दे के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया.

अन्ना हजारे ने आरोप लगाया कि सरकार केवल खोखले वादे करती है, इस सरकार पर मुझे कोई विश्वास नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार ने मुझसे एक महीने का समय माँगा है. इस एक महीने में अगर कुछ न हुआ तो फिर मैं भूख हड़ताल करूँगा और यह मेरा आख़िरी प्रदर्शन होगा.
महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हरिभाऊ बगाड़े ने अन्ना हजारे से मुलाक़ात कर उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा लाये गए नए कृषि क़ानून की जानकारी दी थी. अन्ना ने इन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की थी.
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अन्ना हजारे ने केन्द्रीय कृषि मंत्रालय को पत्र लिखकर यह जानकारी दे दी है कि अगर सरकार ने जनवरी के अंत तक इन कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ ही एम.एस.स्वामीनाथन समिति की अनुशंसाओं को लागू नहीं किया तो वह अपनी अंतिम भूख हड़ताल पर बैठ जायेंगे.
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