West Asia तनाव के बीच भारत को राहत,Green Sanvi लेकर आ रहा LPG

जुबिली न्यूज डेस्क

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 46,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लेकर आ रहा टैंकर ग्रीन सानवी (Green Sanvi) Strait of Hormuz को पार करने के करीब है और इसके 6 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। यह जानकारी Directorate General of Shipping ने दी है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे संवेदनशील ऊर्जा मार्गों में से एक है। इस रास्ते से तेल और गैस की सप्लाई सुचारु रहना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते इस रूट पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे गैस आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

ग्रीन सानवी इस संकट के दौरान हॉर्मुज से गुजरने वाला सातवां एलपीजी टैंकर है। इससे पहले शिवालिक, नंदा देवी, जग वसंत, BW TYR, BW ELM और पाइन गैस जैसे छह टैंकर सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं।

  • ग्रीन सानवी में करीब 46,655 मीट्रिक टन एलपीजी लदी है
  • यह क्षमता के लिहाज से बड़े गैस वाहक जहाजों की श्रेणी में आता है

जहाज परिवहन महानिदेशालय के अनुसार, यह टैंकर फिलहाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है और जल्द ही इसका ट्रांजिट पूरा हो जाएगा।

हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

  • ग्रीन आशा और जग विक्रम जैसे जहाज अभी भी निकलने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं
  • भारतीय नौसेना सभी जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिलाने के प्रयास में जुटी है

पिछले सप्ताह:

  • जग वसंत ने कांडला पोर्ट पर 47,612 मीट्रिक टन एलपीजी उतारी
  • पाइन गैस ने न्यू मैंगलोर में 45,000 मीट्रिक टन की आपूर्ति की
  • BW TYR मुंबई पहुंचकर माल उतार रहा है
  • BW ELM को चेन्नई के एन्नोर पोर्ट की ओर भेजा गया है

रिपोर्ट के मुताबिक:

  • फारस की खाड़ी में 17 भारतीय जहाज मौजूद हैं
  • कुल 20,500 भारतीय नाविक इस क्षेत्र में कार्यरत हैं
  • 3 अप्रैल तक 1,130 नाविकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए एलपीजी सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है। ग्रीन सानवी का सुरक्षित पहुंचना देश की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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