ईरान से जंग के बीच US में ‘महंगाई बम,जरा देखिए-कैसे संकट में फंसी है जनता

वॉशिंगटन । ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष की भारी कीमत अब अमेरिका के आम नागरिक चुका रहे हैं। युद्ध की वजह से सप्लाई चेन बाधित होने और ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल आने के बाद अमेरिका में महंगाई ने कोहराम मचा दिया है। पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ अब हवाई टिकट और ऑनलाइन शॉपिंग भी महंगी हो गई है।
महंगाई का ‘शॉक’: पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतें
अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के ताजा आंकड़ों ने अमेरिकी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तेल की कीमतों में आई यह तेजी अगस्त 2022 के बाद सबसे बड़ी उछाल मानी जा रही है।
| ईंधन का प्रकार | पुरानी कीमत (प्रति गैलन) | नई कीमत (प्रति गैलन) | अंतर |
| पेट्रोल (Avg) | $3.09 | $4.09 | +$1.00 |
| डीजल | $3.64 | $5.53 | +$1.89 |
अमेजॉन और डाक सेवाओं पर ‘फ्यूल सरचार्ज’
ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत का बोझ अब वेंडर्स और ग्राहकों पर डालना शुरू कर दिया है।
- 3.5% एक्स्ट्रा चार्ज: अमेजॉन 17 अप्रैल से थर्ड-पार्टी सेलर्स पर ‘फ्यूल एंड लॉजिस्टिक्स सरचार्ज’ लागू करेगा।
- कंपनी का तर्क: अमेजॉन के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों की वजह से परिचालन लागत (Operating Cost) इतनी बढ़ गई है कि अब इसे और अधिक समय तक खुद वहन करना मुमकिन नहीं है।
- कूरियर और डाक: सरकारी और निजी डाक सेवाओं ने भी डिलीवरी पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की है।
हवाई सफर हुआ सपना, जेट फ्यूल ने बिगाड़ा बजट
युद्ध के चलते जेट फ्यूल (Jet Fuel) की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसका सीधा असर एयरलाइंस कंपनियों पर पड़ा है:
- महंगे हुए एयर टिकट: प्रमुख अमेरिकी एयरलाइंस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर टिकटों के दाम 15% से 25% तक बढ़ा दिए हैं।
- सप्लाई चेन संकट: युद्ध क्षेत्र से होकर गुजरने वाले रूटों के बंद होने से ईंधन की खपत बढ़ गई है, जिससे लागत में और इजाफा हुआ है।
आम जनता और उद्योगों पर क्या होगा असर?
- खेती और उद्योग: डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ेगी, जिससे आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
- ट्रांसपोर्टेशन: ट्रकों और लॉरी का भाड़ा बढ़ने से हर छोटी-बड़ी वस्तु की कीमत पर असर पड़ेगा।
- ट्रंप प्रशासन की चुनौती: राष्ट्रपति ट्रंप के लिए यह युद्ध अब घरेलू मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि जनता बढ़ती कीमतों से असंतुष्ट हो रही है।
डीजल की कीमतों में लगभग 52% की वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर कृषि, निर्माण और माल ढुलाई (Transport) पर पड़ा है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष का असर अब युद्ध के मैदान से निकलकर सीधे अमेरिकी जनता की रसोई और जेब तक पहुँच गया है। Google News के लिए इसे ‘Economic Crisis’ और ‘Global Supply Chain’ के एंगल से बेहद सरल भाषा में इस तरह समझा जा सकता है:
कूरियर से लेकर हवाई सफर तक सब महंगा; ट्रंप की नीतियों पर उठे सवाल
ईरान के साथ जारी जंग ने अमेरिका की घरेलू अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, अब आपके पार्सल भेजने और हवाई जहाज में बैठने का खर्च भी कई गुना बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में यह ‘स्टिकर शॉक’ (कीमतें देखकर हैरान रह जाना) और भी गहरा सकता है।
कूरियर और डाक सेवा: पार्सल भेजना हुआ मुश्किल
सिर्फ अमेजॉन ही नहीं, अमेरिका की दिग्गज डिलीवरी कंपनियों ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं:
- USPS (डाक सेवा): पार्सल और एक्सप्रेस मेल पर 8% एक्स्ट्रा चार्ज लगाने की तैयारी है। अगर मंजूरी मिली, तो यह जनवरी 2027 तक लागू रहेगा।
- UPS और FedEx: इन प्राइवेट कूरियर कंपनियों ने भी अपने फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिए हैं।
हवाई सफर: यात्रियों की जेब पर $400 मिलियन का बोझ
जेट ईंधन (Jet Fuel) की कीमतें बढ़ने से एयरलाइंस कंपनियों का बजट बिगड़ गया है:
- डेल्टा, यूनाइटेड और अमेरिकन एयरलाइंस ने साफ कर दिया है कि वे बढ़ती लागत की भरपाई यात्रियों से ही करेंगे।
- अकेले अमेरिकन एयरलाइंस को ईंधन पर 400 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च करना पड़ा है।
- हैरानी की बात: कीमतें बढ़ने के बावजूद टिकटों की मांग कम नहीं हुई है, जिससे महंगाई और बढ़ रही है।
क्यों बढ़ रहा है संकट? (होर्मुज जलडमरूमध्य का गणित)
इस पूरे आर्थिक संकट के पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का तनाव है।
- दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
- युद्ध के कारण यह रास्ता बाधित है, जिससे कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँच गई है।
- एक्सपर्ट्स का कहना है कि सप्लाई चेन टूटने से अमेरिका का बचना नामुमकिन है।
अगला बड़ा संकट: क्या होगा असर?
अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि स्थिति फरवरी 2026 की तुलना में बहुत खराब हो सकती है।
| सेक्टर | वर्तमान स्थिति | भविष्य का अनुमान |
| महंगाई (Inflation) | 2.50% | 4.00% से ज्यादा |
| तेल की उपलब्धता | पर्याप्त | अप्रैल-मई से कैलिफोर्निया में कमी |
| पब्लिक ओपिनियन | असंतोष | 66% अमेरिकी ट्रंप की नीतियों से नाराज |