अमेरिका इतिहास का काला दिन, हिंसा में चार लोगों की मौत

जुबिली न्यूज़ डेस्क

अमेरिका में चुनाव परिणाम आये हुए महीने भर से अधिक का समय बीत चुका है। नतीजों का परिणाम कुछ ऐसा हुआ की जो बिडेन ने भारी मतों से चुनाव जीत लिया। और तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव हार गये। ट्रंप के चुनाव हारने का असर उनके कार्यकाल के अंतिम दिनों में देखने को मिल रहा है।

दरअसल वाशिंगटन स्थित कैपिटल हिल में बीते दिन ट्रंप समर्थकों ने जमकर बवाल किया।उनकी इस घटना को इलेक्ट हुए प्रेसिडेंट जो बाइडन ने राजद्रोह करार दिया है।

ख़बरों के अनुसार,  पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प के बाद परिसर को बंद कर दिया गया। इस हिंसक झड़प में  गोली लगने से एक महिला सहित  कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। साथ ही ये घोषणा कर दी गई है की बाहरी सुरक्षा खतरे के कारण किसी भी व्यक्ति को कैपिटोल हिल परिसर में अंदर या बाहर जाने कि अनुमति नहीं हैं।

पीएम मोदी ने किया ट्वीट

उधर इस घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुःख जताया। उन्होंने ट्वीट किया कि,’वाशिंगटन डीसी में दंगा और हिंसा की ख़बरें को देखकर मैं व्यथित हूं। शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का क्रमबद्ध हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध के माध्यम से से दबाव में आने नहीं दिया जा सकता।’

उपराष्ट्रपति पेंस ने बताया इतिहास का काला दिन

प्रेसिडेंट इलेक्ट की जीत होने के बाद कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जाता है। इसकी अध्यक्षता उप राष्ट्रपति करते हैं और कुर्सी पर माइक पेंस थे। जोकि ट्रंप समर्थकों की हरकत से बेहद नाराज दिखे।उन्होंने कहा- यह अमेरिकी इतिहास का सबसे काला दिन है।

हिंसा से लोकतंत्र को दबाया या हराया नहीं जा सकता. यह अमेरिकी जनता के भरोसे का केंद्र था, है और हमेशा रहेगा। सिर्फ पेंस ही नहीं कही रिपब्लिकन सीनेटर भी इस हिंसा से नाराज़ नज़र आए और कहा कि ये देखकर अमेरिका की आने वाली नस्लें हमारे बारे में क्या सोचेंगी।

क्या हुआ वाशिंगटन में ?

दरअसल कैपिटल हिल में चल रही कार्यवाही को देखते हुए जब ट्रंप समर्थकों ने अपना मार्च निकालना शुरू किया तो हंगामा होते देख सुरक्षा को बढ़ा दिया गया। लेकिन धीरे धीरे ये बवाल बढ़ता चला गया और देखते ही देखते सभी समर्थक कैपिटल हिल की ओर चले गए। सुरक्षाबलों ने इस दौरान उन्हें रोकने के लिए लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

इस बीच इस पूरे बवाल के दौरान एक महिला ट्रंप समर्थक को गोली लग गई, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब पूरे इलाके को खाली करवाया गया तो ट्रंप समर्थकों के पास बंदूकों के अलावा अन्य हथियार भी मौजूद थे।

गौरतलब है की ऐसा पहली बार नहीं है जब ट्रंप समर्थक इस तरह से बवाल कर रहे हैं, इससे पहले भी कई बार इस तरह के कई नजारे देखे गये हैं। लेकिन इस बार ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल हिल में घुसकर सारी हदें पार कर दी।

इसी वजह से नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इस हिंसा की निंदा की, साथ ही डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया। जो बाइडेन ने कहा कि ट्रंप को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए, अपने समर्थकों को समझाना चाहिए।

ट्रंप ने की शांति की अपील

वहीं जब ट्रंप समर्थक इस घटना को अंजाम दे रहे थे तो ट्रंप शांत रहे हालांकि बाद में उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने समर्थकों से घर वापस जाने की अपील की। लेकिन इस वीडियो में भी वो चुनाव को लेकर फर्जी दावे करते दिखे। इसके बाद इस वीडियो को भी हटा दिया गया।

दुनिया ने की निंदा

अमेरिका में हुई इस हिंसा की खबर पूरी दुनिया में आग की तरह फैली। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन, कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो सहित अन्य कई राष्ट्रप्रमुखों ने इस हिंसा की निंदा की और अमेरिकी इतिहास के लिए काला दिन करार दिया।  दुनियाभर की मीडिया में अमेरिकी हिंसा की घटना सुर्खियां बटोरे हुए है।

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