Tuesday - 27 January 2026 - 6:13 PM

बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, सरकार ने G-RAM-G और SIR पर चर्चा से किया इनकार

जुबिली न्यूज डेस्क 

नई दिल्ली, संसद के बजट सत्र से पहले मंगलवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में 39 राजनीतिक दलों के 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट सत्र में G-RAM-G कानून और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) पर अलग से चर्चा नहीं कराई जाएगी।सरकार के मुताबिक, इन मुद्दों पर पहले ही संसद में विस्तार से चर्चा हो चुकी है और अब इन पर दोबारा बहस की जरूरत नहीं है।

कल राष्ट्रपति का अभिभाषण, 1 फरवरी को पेश होगा आम बजट

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि

  • बुधवार को राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा

  • गुरुवार को आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा

  • 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 संसद में रखा जाएगा

उन्होंने कहा कि बजट सत्र का मुख्य उद्देश्य आर्थिक नीतियों और बजट पर चर्चा करना है।

G-RAM-G और SIR पर चर्चा से सरकार का इनकार

किरण रिजिजू ने कहा,“जब कोई कानून देश में लागू हो जाता है, तो उसका पालन करना हमारी जिम्मेदारी होती है। हम गियर रिवर्स करके पीछे नहीं जा सकते।”

उन्होंने साफ किया कि G-RAM-G कानून और SIR जैसे विषयों पर पहले ही संसद में बहस हो चुकी है, इसलिए सरकार इन्हें दोबारा एजेंडे में शामिल नहीं करेगी।

सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे

बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार के सामने कई अहम मुद्दे रखे।कांग्रेस नेता जयराम रमेश और सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने बजट सत्र की सरकारी कार्यसूची (बिजनेस लिस्ट) पहले से जारी न किए जाने पर आपत्ति जताई।

नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने यूजीसी की नई गाइडलाइंस का मुद्दा उठाया और कहा कि इसके खिलाफ विरोध राजनीतिक कारणों से प्रेरित है।

इसके अलावा विपक्ष ने इन विषयों पर चर्चा की मांग की—

  • मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)

  • मनरेगा की जगह लाया गया G-RAM-G कानून

  • भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ

  • विदेश नीति

  • वायु प्रदूषण

  • अर्थव्यवस्था की स्थिति

‘हंगामा नहीं, स्वस्थ बहस करें’— किरेन रिजिजू

किरण रिजिजू ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि“यह साल का पहला सत्र है। हमें जनता की आवाज बनने के लिए चुना गया है। बोलने के साथ-साथ दूसरों को सुनने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।”

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट बहस के दौरान विपक्ष को अपने सभी मुद्दे उठाने का पूरा अवसर मिलेगा, लेकिन सदन को बाधित करना ठीक नहीं है।

बजट पर ही केंद्रित रहेगी हर चर्चा

संसदीय कार्य मंत्री ने दोहराया कि“बजट सत्र की परंपरा के अनुसार हर चर्चा का केंद्र बजट और आर्थिक नीतियां ही होंगी। सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए हमेशा तैयार है, बशर्ते सदन सुचारु रूप से चले।”

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