रामपुर के बाद आजमगढ़ में भी ढह गया सपा का सबसे मजबूत किला, निरहुआ ने खिलाया ‘कमल’

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखनऊ। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों आजमगढ़ और रामपुर में जोरदार प्रदर्शन किया है। दरअसल दोनों जगहों पर उसने जीत हासिल की है और सपा के हाथ दोनों सीटे हाथ से अब निकल गई है।

आजमगढ़ उपचुनाव में अखिलेश को उम्मीदों को तब झटका लगा जब बीजेपी प्रत्याशी दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव और बीएसपी के गुड्डू जमाली को आसानी से पराजित कर दिया जबकि उत्तर प्रदेश में रामपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी (क्चछ्वक्क) प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने सपा प्रत्याशी आसिम राजा को हरकार बीजेपी को जीत का तोहफा दिया है।

आमतौर पर आजमगढ़ को सपा का गढ़ माना जाता है। बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी के 2014 के लहर और 2019 के लोकसभा चुनाव में भी यहां से जीत नहीं दर्ज कर पाई थी।

सुबह से ही बीजेपी प्रत्याशी दिनेश लाल यादव बढ़त बनाए हुए थे. आजमगढ़ में बीजेपी प्रत्याशी दिनेश लाल यादव को अब तक 2,99,968 वोट प्राप्त हुए हैं, जबकि सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव को 2,90,835 वोट मिले हैं. वहीं बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को 2,57,572 वोट मिले

छह राज्यों में लोकसभा की 3 और विधानसभा की 7 सीटों के लिए हुए उपचुनाव रविवार को आ जायेगे। इसके लिए सुबह से मतगणना शुरू हो गई है। बता दें कि 23 जून को वोट पड़े थे।

ताजा जानकारी के अनुसार उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ा उलटफेर करते हुए समाजवादी पार्टी को हराकर बड़ा झटका दिया है। बीजेपी उम्मीदवार घनश्याम सिंह लोधी ने 42,048 वोटों से सपा उम्मीदवार असीम रजा को हराया।

वहीं अखिलेश के गढ़ आजमगढ़ में दिनेश लाल यादव निरहुआ ने एक बार फिर निर्णायक बढ़त बनाई है। निरहुआ 5864 वोटों से आगे चल रहे है। सपा के धर्मेंद्र यादव दूसरे नंबर पर हैं।

सबकी नजरे यूपी की आजमगढ़ व रामपुर पर लगी हुई क्योंकि दोनों सीटों पर सपा का दबदबा देखने को मिलता रहा है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव व वरिष्ठ सपा नेता आजम खां ने विधायक चुने जाने के बाद सांसद पद छोड़ देने के बाद ये दोनों सीटे खाली हो गई थी। आजमगढ़ और रामपुर में क्रमश: 48.58 प्रतिशत और रामपुर में 39.02 प्रतिशत वोट पड़े, जो पिछले चुनाव में पड़े मत से कम हैं

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