CJI सूर्यकांत का बड़ा फैसला: वोटर लिस्ट और नागरिकता पर चुनाव आयोग की भूमिका सीमित

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने या हटाने के मामलों में चुनाव आयोग (ECI) का फैसला अंतिम नहीं माना जा सकता, खासकर जब मामला नागरिकता से जुड़ा हो।
वोटर लिस्ट को लेकर क्या कहा कोर्ट ने?
कोर्ट ने कहा कि यदि चुनाव आयोग इस बात से संतुष्ट नहीं है कि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल होने की कानूनी शर्तों को पूरा करता है, तो उसे ऐसे मामलों को आगे की जांच और निर्णय के लिए सक्षम प्राधिकरण को भेजना होगा।
नागरिकता पर अंतिम अधिकार किसका?
निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि चुनाव आयोग का कार्य चुनावी प्रक्रिया तक सीमित है। नागरिकता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार किसी सक्षम सरकारी अथॉरिटी के पास होता है, न कि केवल चुनाव आयोग के पास।
ECI के अधिकारों पर अहम टिप्पणी
कोर्ट ने यह भी कहा कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने या शामिल करने की प्रक्रिया चुनावी उद्देश्य से जुड़ी होती है, इसलिए इसे नागरिकता तय करने का अंतिम आधार नहीं माना जा सकता।
ऐसे मामलों में यदि विवाद या संदेह होता है, तो उसे संबंधित सक्षम प्राधिकरण के पास भेजा जाना अनिवार्य होगा।



