“नाली से सत्ता तक!” कॉकरोच जनता पार्टी का अनोखा विजन, फाउंडर बोले- ‘हेडक्वार्टर जहां WiFi चले’

नाली, किचन और बाथरूम की अंधेरी दरारों में जीने वाला कॉकरोच… इंसानी दुनिया में अक्सर गंदगी का प्रतीक माना जाता है, लेकिन अब उसी नाम पर एक राजनीतिक प्रयोग चर्चा में है—Cockroach Janta Party (CJP). यह पार्टी सोशल मीडिया से निकलकर अब राजनीतिक बहसों तक पहुंच चुकी है.
इस अनोखी पार्टी की स्थापना 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने की है, और दावा है कि इसके फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है. पार्टी का नाम उस विवादित टिप्पणी के बाद चर्चा में आया, जिसमें ‘कॉकरोच’ शब्द का जिक्र युवाओं को लेकर किया गया था. इसके बाद CJP ने खुद को एक डिजिटल राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया.
क्या है CJP का विजन?
पार्टी की वेबसाइट के मुताबिक, CJP उन युवाओं को प्रतिनिधित्व देने का दावा करती है जिन्हें अक्सर “आलसी” या “हर समय ऑनलाइन रहने वाला” कहा जाता है. पार्टी का कहना है कि वह ऐसे लोगों की आवाज बनेगी जिन्हें मुख्यधारा में गंभीरता से नहीं लिया जाता.
5 प्वाइंट का ‘विचित्र’ मेनिफेस्टो
CJP के घोषणापत्र में कई असामान्य और तीखे प्रस्ताव शामिल हैं. इनमें कहा गया है कि—
- किसी भी मुख्य न्यायाधीश को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा की सीट नहीं दी जाएगी
- वोटर लिस्ट से नाम हटाने को गंभीर अपराध माना जाएगा और इसे UAPA के दायरे में लाया जाएगा
- संसद में सीटें बढ़ाए बिना महिलाओं को 50% आरक्षण देने की मांग
- सांसद या विधायक दल बदलते हैं तो 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक
- महिला प्रतिनिधित्व को सभी कैबिनेट पदों में 50% तक बढ़ाना
‘पार्टी जॉइन करने के नियम भी अजीब’
CJP में शामिल होने के लिए जाति या धर्म की कोई पूछताछ नहीं की जाती. पार्टी खुद को बेरोजगारों, डिजिटल रूप से सक्रिय लोगों और “प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालने वालों” का प्लेटफॉर्म बताती है.
वेबसाइट पर यह भी लिखा है कि सदस्य कम से कम 11 घंटे ऑनलाइन रहने वाले होने चाहिए—जिसमें “बाथरूम ब्रेक” भी शामिल है. पार्टी का दावा है कि दिमाग सक्रिय रहना चाहिए, भले ही शरीर आलसी हो.
‘हेडक्वार्टर’ का पता: जहां WiFi चले
CJP ने अपने हेडक्वार्टर को किसी भौगोलिक स्थान से जोड़ने के बजाय लिखा है—“जहां भी WiFi काम करता है”. यानी इसका कोई स्थायी कार्यालय नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह डिजिटल स्पेस में मौजूद है.
फाउंडर कौन हैं?
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का बैकग्राउंड डिजिटल कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी में बताया जाता है. वे पहले राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल कैंपेनिंग और सोशल मीडिया रणनीति पर काम कर चुके हैं.
क्या है असली मकसद?
CJP खुद को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश करती है जो सिस्टम के बाहर खड़े युवाओं, डिजिटल क्रिएटर्स और ऑनलाइन कम्युनिटी को राजनीतिक अभिव्यक्ति का नया तरीका देता है. हालांकि, इसके दावे और मॉडल को लेकर बहस भी तेज है.
फिलहाल यह पार्टी इंटरनेट पर तेजी से लोकप्रिय हो रही है, और अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक डिजिटल ट्रेंड है या आने वाले समय में राजनीतिक रूप भी ले सकती है.



