‘30 लोग बुलाकर पिटवा दूंगा…’ ट्विशा की भाभी राशि शर्मा का बड़ा आरोप, पूर्व जज और वकील ससुराल पक्ष पर उठाए 5 गंभीर सवाल

जुबिली स्पेशल डेस्क
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामला अब महज़ एक हादसा या खुदकुशी की मिस्ट्री नहीं रह गया है, बल्कि यह रसूख, कानून के जानकारों और न्याय की गुहार लगाते एक बेबस परिवार के बीच की जंग बन चुका है। मृतका ट्विशा शर्मा की भाभी राशि शर्मा ने अब कैमरे के सामने आकर कई ऐसे सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जिन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक उदासीनता और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राशि शर्मा का सीधा आरोप है कि जब कानून के रखवाले ही कानून को अपनी उंगलियों पर नचाने लगें, तो आम आदमी न्याय के लिए कहां जाए? उन्होंने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी (SIT) जांच कराने और केस को हाई कोर्ट ले जाने का ऐलान किया है।
1. फोरेंसिक रिपोर्ट में ड्रग्स का कोई अंश नहीं, फिर मृतका का चरित्र हनन क्यों?
भाभी राशि शर्मा ने ट्विशा के ससुराल पक्ष, विशेषकर उनकी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया। राशि ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि एक मृत महिला को बदनाम करने के लिए उसे नशेड़ी और मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। जबकि आधिकारिक फोरेंसिक रिपोर्ट में साफ हो चुका है कि ट्विशा के शरीर में किसी भी तरह के ड्रग्स या टॉक्सिन का कोई अंश नहीं था।” उन्होंने इसे ससुराल पक्ष का ‘दोगलापन’ करार देते हुए कहा कि लगातार प्रताड़ना देकर किसी को मार देना और फिर उसी पर आरोप मढ़ना कहां का न्याय है?
2. क्रिमिनल लॉयर पति और पूर्व जज मां; रसूख के दम पर जांच प्रभावित करने का आरोप
ट्विशा के ससुराल का बैकग्राउंड काफी रसूखदार है। उनके पति समर्थ सिंह खुद एक क्रिमिनल लॉयर हैं और मां पूर्व जज रह चुकी हैं। राशि ने इसी प्रभाव पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब मामला सीधे तौर पर एक संदिग्ध मेडिकल-लीगल केस (MLC) का है, तो अब तक समर्थ सिंह से कस्टोडियल (हिरासत में लेकर) पूछताछ क्यों नहीं की गई?
सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए राशि ने दावा किया कि जिस वक्त ट्विशा को सीपीआर (CPR) देने की बात कही जा रही है, उस वीडियो में लोग बेहद सामान्य तरीके से टहलते दिख रहे हैं। अगर स्थिति इतनी गंभीर थी, तो तुरंत पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई? यही नहीं, पीड़ित परिवार की एफआईआर (FIR) दर्ज करने में भी पुलिस ने तीन दिन की देरी की।
3. ‘कोर्ट परिसर में मिली धमकी- तू जानता नहीं मैं कौन हूं’
राशि ने आरोप लगाया कि रसूख का यह आलम है कि उन्हें और उनके परिवार को अब खुलेआम धमकियां मिल रही हैं। कोर्ट परिसर के भीतर ट्विशा के भाई के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनका फोन फेंक दिया गया और धमकी दी गई कि ‘तीस लोग बुलाकर यहीं पिटवा दूंगा, तू जानता नहीं मैं कौन हूं।’ राशि का कहना है कि वे किसी राजनीतिक या न्यायिक प्रभाव वाले परिवार से नहीं हैं, इसलिए उन्हें डराने की पूरी कोशिश की जा रही है।
4. ‘वह घर लौटना चाहती थी, टिकट भी बुक हो चुके थे’
ट्विशा के साथ अपने भावनात्मक रिश्तों को याद करते हुए राशि भावुक हो गईं। उन्होंने खुलासा किया कि नौकरी जाने के बाद समर्थ सिंह का व्यवहार ट्विशा के प्रति बेहद हिंसक और अपमानजनक हो गया था। ट्विशा ने अपने मैसेज और फोन कॉल पर कई बार इस बात का जिक्र किया था कि वह अब वहां नहीं रहना चाहती और घर वापस आना चाहती है। परिवार ने उसके लिए पैसे भेजकर टिकट भी बुक करा दिए थे, लेकिन बाद में दबाव बनाकर उन टिकटों को कैंसिल करवा दिया गया।
5. मुख्यमंत्री से 5 मिनट का समय भी नहीं मिला
सिस्टम और सूबे के मुखिया के रुख से निराश राशि ने कहा कि पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से सिर्फ 5 मिनट का वक्त मांग रहा था ताकि वे अपनी बात रख सकें, लेकिन उन्हें समय नहीं मिला। उन्होंने कहा, “हमें अब पुलिस और स्थानीय प्रशासन से न्याय की उम्मीद बहुत कम है। जब तक देश की उच्च अदालतें इस मामले में निष्पक्ष हस्तक्षेप नहीं करेंगी, तब तक ट्विशा की आत्मा को शांति और उसके बूढ़े माता-पिता को इंसाफ नहीं मिल पाएगा।”



