उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन, 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

भुवन चंद्र खंडूरी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और देहरादून के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने मंगलवार को अंतिम सांस ली।
देहरादून में हुआ निधन
देहरादून स्थित अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हृदय संबंधी समस्याओं के चलते उनकी तबीयत लगातार नाजुक बनी हुई थी। पिछले साल उनकी ब्रेन सर्जरी भी हुई थी।
देश के नेताओं ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि खंडूरी का जीवन सेना से लेकर राजनीति तक देश सेवा के लिए समर्पित रहा और वे हमेशा याद किए जाएंगे।
पुष्कर सिंह धामी ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि खंडूरी ने उत्तराखंड के विकास, सुशासन और पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सैन्य से राजनीति तक लंबा सफर
भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना में मेजर जनरल रहे और बाद में राजनीति में आए। वे उत्तराखंड के चौथे मुख्यमंत्री थे और दो बार इस पद पर रहे—2007 से 2009 और 2011 से 2012 तक।
राजनीतिक जीवन की प्रमुख उपलब्धियां
- 1991 में पहली बार सांसद बने
- अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सड़क परिवहन मंत्री रहे
- देश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
- उत्तराखंड में सुशासन और ईमानदार प्रशासन की छवि के लिए जाने गए
परिवार और विरासत
उनके परिवार में पत्नी, बेटा और बेटी रितु खंडूरी भूषण शामिल हैं। उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति और देश के सार्वजनिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।



