बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 15 IAS अधिकारियों का तबादला

बिहार सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए 15 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग भी बदले गए हैं, जबकि कुछ को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है।
शिक्षा विभाग को मिला नया नेतृत्व
सबसे अहम बदलाव शिक्षा विभाग में किया गया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) बी. राजेंद्र को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब विनोद सिंह गुंजियाल को शिक्षा विभाग का नया अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें खेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
कई प्रमुख विभागों में फेरबदल
गन्ना उद्योग विभाग के ACS के. सेंथिल कुमार को अब श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उन्हें पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
कोसी प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है, जबकि इस विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल को पथ निर्माण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
आईटी और खाद्य विभाग में भी बदलाव
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का सचिव बनाया गया है। उन्हें बेल्ट्रॉन का प्रबंध निदेशक (MD) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद को अब खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रमंडलों और जिलों में भी नई तैनाती
प्रशासनिक फेरबदल में प्रमंडलीय आयुक्तों के स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। मुंगेर के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा को भागलपुर प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है। वहीं भागलपुर के आयुक्त अवनीश कुमार सिंह को खान एवं भूतत्व विभाग में सचिव सह खान आयुक्त नियुक्त किया गया है। दरभंगा के आयुक्त हिमांशु कुमार राय को कोसी प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है।
जिलास्तर पर भी बदलाव देखने को मिला है। पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार को पूर्णिया प्रमंडल का आयुक्त (अतिरिक्त प्रभार) बनाया गया है। वहीं नालंदा के डीडीसी शुभम कुमार को पटना का नया डीडीसी नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
राज्य सरकार के इस बड़े स्तर के फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तेज बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा, श्रम, आईटी और स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों में हुए बदलाव को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



