प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई: फेफड़ों में ‘ब्लड क्लॉट’ बना मौत की वजह, विसरा सुरक्षित

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के निधन की गुत्थी सुलझ गई है। उनकी आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है, जिसमें मौत के सटीक कारणों का खुलासा किया गया है।

मौत का मेडिकल कारण: ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ और हार्ट फेलियर

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव की मौत की मुख्य वजह फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमना (Blood Clotting) रही। रिपोर्ट में इस पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है..

  • थक्के का सफर: शरीर के निचले हिस्से में खून का एक थक्का बना, जो रक्त प्रवाह के साथ शरीर के ऊपरी हिस्से तक पहुँच गया।
  • लंग्स इन्फेक्शन: यह थक्का फेफड़ों की नसों में जाकर फंस गया, जिससे फेफड़ों में गंभीर संक्रमण (Infection) फैल गया।
  • कार्डिएक अरेस्ट: फेफड़ों में रुकावट के कारण दिल और सांस लेने की प्रक्रिया अचानक रुक गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कार्डिएक अरेस्ट आया और उनकी मृत्यु हो गई।

विसरा जांच से मिलेगी और स्पष्टता

डॉक्टरों ने मृत्यु के कारणों की और अधिक गहराई से पुष्टि करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

  • नमूने सुरक्षित: जांच टीम ने दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ विशेष नमूनों को आगे की क्लीनिकल जांच के लिए सुरक्षित रखा है।
  • रासायनिक जांच: शरीर के आंतरिक अंगों (विसरा) को रासायनिक परीक्षण के लिए संरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि शरीर में कोई अन्य बाहरी तत्व तो मौजूद नहीं था।

चोट के निशानों पर स्पष्टीकरण

रिपोर्ट में शरीर पर मिले निशानों का भी जिक्र किया गया है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि प्रतीक के शरीर पर जो भी चोटें या निशान पाए गए, वे ‘एंटी-मॉर्टम’ (Antemortem) थे, यानी वे मौत से पहले के थे।

38 वर्षीय प्रतीक यादव, भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति थे। घर के किचन में अचेत पाए जाने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अखिलेश यादव ने इस मामले की गहन जांच की मांग की थी, जिसके बाद यह पोस्टमार्टम प्रक्रिया चार डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ पूरी की गई।

शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट ‘जहर’ या किसी अन्य साजिश की आशंकाओं को खारिज करती दिख रही है और इसे एक गंभीर मेडिकल स्थिति (ब्लड क्लॉटिंग) बता रही है। अब सभी को विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, जो अंतिम निष्कर्ष पेश करेगी।

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