Tamil Nadu Politics: फ्लोर टेस्ट से पहले थलापति विजय की ‘किस्मत’ चमकी! AIADMK के एक फैसले ने पलटी बाजी, अब सुरक्षित है CM की कुर्सी

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में फिल्म स्टार से राजनेता बने थलापति विजय (Thalapathy Vijay) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ तो ले ली है, लेकिन असली परीक्षा यानी फ्लोर टेस्ट (Floor Test) अभी बाकी है। विधानसभा में बहुमत साबित करने की चुनौती के बीच विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) के लिए एक ऐसी बड़ी और राहत भरी खबर आई है, जिसने विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है।

दिग्गज विपक्षी दल AIADMK ने ऐलान किया है कि वह फ्लोर टेस्ट में थलापति विजय की सरकार का समर्थन करेगी। इस एक फैसले ने न केवल विजय की सरकार को ‘लाइफलाइन’ दे दी है, बल्कि राज्य के राजनीतिक समीकरणों को भी पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

AIADMK के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम ने समर्थन का ऐलान करते हुए साफ किया कि यह फैसला पार्टी के अस्तित्व को बचाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा:

“हमारी राजनीति पिछले 53 सालों से DMK के विरोध में रही है। अगर हम DMK के करीब जाते, तो AIADMK का वजूद खत्म हो जाता। अपने कार्यकर्ताओं और पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए हमने TVK की सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।”

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। विजय की सरकार के पास वर्तमान में जो समीकरण हैं, वे कुछ इस प्रकार हैं:

पार्टीविधायकों की संख्या
TVK (विजय की पार्टी)107
कांग्रेस05
वाम दल (Left)04
VCK और IUML04 (2-2)
कुल समर्थन (AIADMK के बिना)120

AIADMK का फैक्टर: भले ही विजय के पास अभी 120 का आंकड़ा है, लेकिन VCK और IUML जैसे दल अभी भी DMK के साथ अपने रिश्तों को लेकर ‘कन्फ्यूज’ हैं। ऐसे में यदि ऐन मौके पर ये छोटे दल पीछे हटते हैं, तो AIADMK का समर्थन विजय के लिए ‘कवच’ का काम करेगा और वे आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लेंगे।

दिलचस्प बात यह है कि विजय की सरकार को समर्थन देने वाले VCK और IUML ने अभी तक DMK से नाता नहीं तोड़ा है। VCK का कहना है कि वह केवल ‘संवैधानिक संकट’ टालने के लिए विजय के साथ है। ऐसे में AIADMK का खुला समर्थन मिलना थलापति विजय की पहली बड़ी राजनीतिक जीत मानी जा रही है।

हार के बाद आत्ममंथन कर रही AIADMK ने संगठन में भी बदलाव शुरू कर दिए हैं।

  • एसपी वेलुमणि: विधानसभा में पार्टी के नए नेता होंगे।
  • सी. विजयभास्कर: मुख्य सचेतक (Whip) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी जल्द ही आम परिषद की बैठक बुला सकते हैं, जिसमें पार्टी के भविष्य और TVK के साथ गठबंधन की रूपरेखा तय होगी।

AIADMK का यह कदम संकेत दे रहा है कि भविष्य में तमिलनाडु की राजनीति विजय (TVK) + AIADMK बनाम DMK की दिशा में मुड़ सकती है। फिलहाल, सबकी नजरें विधानसभा के फ्लोर टेस्ट पर टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री विजय अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे।

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